नेपाल की लड़कियों और महिलाओं की तस्करी को लेकर मिली शिकायत के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देश पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने डीजीपी को पत्र लिख नेपाली युवतियों और महिलाओं की पहचान करने और उन्हें जबरन लाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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पीएमओ के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय ने नेपाल के सीमावर्ती जिलों के एसपी को कार्रवाई के लिए लिखा है।
इन जिलों के एसपी को कार्रवाई को कहा गया
नेपाली लड़कियों और महिलाओं की तस्करी रोकने और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय ने जिन जिलों के एसपी को लिखा है उनमें पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, सहरसा, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, मोतिहारी, बेतिया, बगहा के अलावा पटना, जमालपुर, कटिहार और मुजफ्फरपुर के रेल एसपी भी शामिल हैं। इन जिलों में जांच कर नेपाली मूल की लड़कियों और महिलाओं की भौतिक जांच कर वापस भेजने और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को कहा गया है।

इन्होंने दर्ज करायी शिकायत
नेपाली लड़कियों और महिलाओं की भारत में तस्करी की शिकायत नेपाल स्थित त्रिभुवन विवि के रिसर्च स्कॉलर नरेंद्र खानल ने पीएमओ से की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा है कि नेपाली लड़कियों की भारत में तस्करी कराने में नेपाल के लोग भी शामिल हैं जो वहां से लड़कियों को निकाल कर भारत पहुंचाते हैं और यहां उन्हें बेच दिया जाता है। कहा गया है कि नेपाली लड़कियों को नौकरी दिलाने के नाम पर लाया जाता है और यहां लाने के बाद उन्हें बेच दिया जाता है या देह धंधा में जबरन उतार दिया जाता है। नरेंद्र की ही शिकायत पर कार्रवाई के लिए लिखा गया है।

