महाशिवरात्रि को लेकर शहर के विभिन्न मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। सोमवार को कई जगहों से भगवान शिव-पार्वती की बारात निकाली जाएगी। पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अधिकांश मंदिरों के पट सुबह चार बजे ही खोल दिए जाएंगे। दिन भर रुद्राभिषेक, पूजा-पाठ के बाद रात में शिव-पार्वती का विवाह कराया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण होगा।


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बूढ़ानाथ मंदिर : लगाए गए 20 सीसीटीवी कैमरे
महाशिवरात्रि के दिन सबसे अधिक भीड़ बूढ़ानाथ मंदिर में लगती है। इसको देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। मैनेजर बाल्मिकी सिंह ने बताया कि बाबा गर्भगृह में चार व मंदिर परिसर में 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ महिला पुलिस की भी व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर सोमवार को प्रात: चार बजे खोल दिया जाएगा। एक बजे दोपहर तक पूजा-अर्चना होगी। इसके बाद 10 मिनट के लिए मंदिर को बंद किया जाएगा। फिर 1:10 से लेकर शाम 6:30 बजे तक श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकेंगे। 6:30 के बाद मंदिर की सफाई होगी। सात बजे से रात्रि 11 बजे तक बाबा का दूध, दही, घी, मधु आदि से शृंगार व महाआरती की जाएगी। फिर विवाह के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण होगा। महंथ शिवनारायण गिरी व 11 पंडितों के द्वारा शृंगार पूजा व शादी संपन्न कराई जाएगी।

शिवशक्ति मंदिर : 10 बजे से रुद्राभिषेक
शिवरात्रि के एक दिन पूर्व रविवार को आदमपुर स्थित शिवशक्ति मंदिर को सजा दिया गया है। एक लाख रुपये के फूलों से मंदिर को विशेष तौर पर सजाया गया है। पूजा के लिए प्रात: चार बजे पट खुल जाएगा। महंथ अरुण बाबा ने बताया कि 10 बजे से रुद्राभिषेक शुरू हो जाएगा। भगवान को लड्डू का भोग लगाया जाएगा। श्रद्धालुओं के बीच पांच मार्च को 11 क्विंटल लड्डू का प्रसाद बांटा जाएगा। महिलाओं को चूड़ी, लहंठी व सिंदूर प्रसाद के रूप में बांटा जाएगा।

बाबा कुपेश्वरनाथ : सुबह चार बजे शृंगार पूजा
कोतवाली चौक स्थित बाबा कुपेश्वरनाथ मंदिर में शिवरात्रि के दिन सुबह चार बजे शृंगार पूजा होगी। पुजारी पंडित विजयानंद शास्त्री ने बताया कि 51 लीटर गन्ना का रस, 21 लीटर दूध, पांच किलो दही, सवा लीटर शहद, सवा किलो घी, सवा किलो भांग, अबीर-गुलाल, गुलाब जल से भगवान शिव का शृंगार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हर दिल समिति की ओर से शाम में मंदिर परिसर से बारात निकाली जाएगी।

नागेश्वर धाम मंदिर: शाम में निकलेगी शिव बारात
बरारी पुल घाट स्थित नागेश्वर धाम मंदिर में एक हजार से अधिक लोगों के बीच खिचड़ी का प्रसाद का वितरण होगा। छठ पूजा समिति के अध्यक्ष नवीन कुमार कुशवाहा ने बताया कि शिवरात्रि की सारी तैयारी पूरी हो गयी है। शाम में शिव बारात निकाली जाएगी। स्थानीय बमबम मिश्रा, कैलाश मिश्रा, अशोक ठाकुर, गणेश ठाकुर, शंकर जयसवाल आदि तैयारी में जुटे हैं। उधर, सीसी मुखर्जी रोड़ स्थित मंदिर में शिव चर्चा का आयोजन किया जाएगा। पुजारी गोपाल कुमार सिंह ने बताया कि शिवरात्रि को लेकर मंदिर को सजाया गया है। तिलकामांझी स्थित महावीर स्थान में पूजा-पाठ व मोड़ चढ़ाया जाएगा। पुजारी आनंद झा, गौतम झा व प्रहलाद झा पूजा-अर्चना करायेंगे। शिव-विवाह रात्रि में होगा।

वेरायटी चौक: भगवान शिव-पार्वती का जयमाला
एक दिल समिति चार मार्च को शिव बारात निकालेगी। बारात श्री राणी सती मंदिर चुनिहारी टोला से निकलेगी। वेरायटी चौक के पास बाबा भोलेनाथ व माता पार्वती का जयमाला व चुनिहारी टोला मंदिर में विवाह का कार्यक्रम होगा। प्रवक्ता अवध शर्मा ने बताया कि इस बार बारात का 91वें साल है। बारात में बैंड पार्टी, बंगाल के ढाक पार्टी, भूत-बंगला, राम दरबार, राधा-कृष्ण, अयोध्या मंदिर, प्रभु श्रीराम पर झांकी साथ चलेगी। उधर, पुलिस लाइन से शिव-पार्वती की बारात निकाली जाएगी। पुजारी रोशन मिश्रा ने बताया कि सुबह में अष्टयाम के बाद शाम में बारात निकलेगी।

कुतुबगंज महादेव तालाब से निकाली कलश यात्रा:
शिवरात्रि को लेकर रविवार को कुतुबगंज महादेव तालाब से कलश शोभायात्रा निकाली गयी। शोभायात्रा मिरजानहाट, इशाकचक, कचहरी चौक, तिलकामांझी, बरारी पुल घाट पहुंची। यहां से श्रद्धालु जल लेकर वापस महादेव तालाब पहुंचे। यहां नौ सौ महिलाओं को पूड़ी, खीर का भंडारा कराया गया। अध्यक्ष शशि मोदी ने बताया कि चार व पांच मार्च को अष्टयम संकीर्तन व भंडारा का आयोजन किया जाएगा। शोभायात्रा में सचिव पप्पू तांती, विकास तांती, अरविंद शर्मा, रवि मोदी आदि मौजूद थे। उधर, नवतोलिया, अगरपुर के बाबा पशपुतिनाथ मंदिर से रविवार को कलश यात्रा निकाली गई। डीपीएस से जलकर वापस मंदिर पहुंची। मौके ठाकुर गिरि बाबा, शंकर यादव, डॉ. डीके सिंह, विन्देश्वरी यादव, दिवाकर यादव आदि मौजूद थे।

श्रेष्ठ श्रवण नक्षत्र का बना संयोग :
संकट मोचन दरबार के पंडित चंद्रशेखर झा ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। महाशिवरात्रि इस बार श्रेष्ठ श्रवण नक्षत्र में पड़ रहा है। इस नक्षत्र में भगवान शिव की आराधना बहुत ही फलदायी माना गया है। महाशिवरात्रि सोमवार को है। यह दिन भगवान शिव का माना जाता है। भगवान शंकर बहुत जल्द अपनों भक्तों से प्रसन्न हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन गाय के घी में कपूर मिलाकर महामृत्युंजय मंत्र से 108 आहुति अग्नि में दें और रुद्राक्ष माला को गले में धारण कर लें। इस दिन गंगा जल में गाय का दूध मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक कर चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, फल अर्पित के साथ महामृत्युंजय मंत्र की तीन माला का जाप करना चाहिए।

By न्यूज़ डेस्क

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