राज्य में नियोजित शिक्षकों को समान काम-समान वेतन देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ हतप्रभ और निराश हैं.


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संघ के महासचिव व पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कोर्ट के फैसले को विस्मयकारी, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक बताया. माध्यमिक शिक्षक भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दो टूक कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का रवैया नियोजित शिक्षकों के मामले में पूरी तरह शत्रुवत रहा है. अलबत्ता वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में शिक्षक अपना सियासी रुख साफ कर देंगे. तब माध्यमिक शिक्षक संघ सदन, सड़क से लेकर कोर्ट तक अपने हक के लिए हरसंभव संघर्ष करेगा. उन्होंने कहा कि यह फैसला चार लाख परिवारों के लिए संकट लेकर आया है.

न्यायालय ने फैसला देते समय अपनी ही खंडपीठ की आर्थिक सिफारिशों को नजरंदाज कर दिया. कहा कि माध्यमिक शिक्षक संघ 30 दिनों के अंदर पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा. इस तरह न्याय के विकल्प अभी खुले हुए हैं.

उन्होंने दो टूक कहा कि अब वक्त आया गया है कि शिक्षक जाति, धर्म और सियासी सोच से परे अपने शुभ चिंतक राजनीतिक दल या सोच के साथ खड़े हों. दूसरे, उन ताकतों के खिलाफ हर संभव काम करें, जिन्होंने शिक्षकों के हक पर कुठाराघात किया है. शिक्षक अपनी ड्यूटी निभायेंगे. वोट देते समय ध्यान रखें कि कौन उनके हक के खिलाफ है.

महागठबंधन नियोजित शिक्षकों के साथ : तेजस्वी

महागठबंधन के सभी दल नियोजित शिक्षकों के साथ है. अभी केंद्र में महागठबंधन की सरकार बनने पर इनकी मांगों का समाधान खोज सुप्रीम कोर्ट में संपूर्ण क़ानूनी मदद की जायेगी. ‪राज्य में हमारी सरकार बनने पर उनकी हर समस्या का निदान होगा.

एकजुट हो शिक्षक संघ : शत्रुघ्न प्रसाद सिंह

शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि माध्यमिक शिक्षक संघ गैर राजनीतिक संगठन है, लेकिन शिक्षक संघ को एकजुट होकर उसी राजनीतिक दल या सोच का साथ देना चाहिए, जो सुख-दुख में शिक्षकों के साथ खड़ा है.

उन्होंने राज्य की तत्कालीन कांग्रेसी सरकारों और लालू सरकार की प्रशंसा भी की. उन्होंने नियोजित शिक्षकों के हक के समर्थन में तेजस्वी यादव के बयान का भी स्वागत किया. बातों-बातों में उन्होंने तेजस्वी और कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही. उन्होंने कहा कि मैं निजी तौर पर कांग्रेस की विचारधारा का समर्थन करता हूं.

नहीं करना चाहती हितों की रक्षा: पटना. बिहार कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार नियोजित शिक्षकों के हितों की रक्षा नहीं करना चाहती है. इसलिए उनके प्रतिनिधियों ने कहा कि ये सरकारी कर्मचारी नहीं हैं. उनकी बहाली पंचायती राज से ठेके पर हुई है. इसी आधार पर केस हार गये.

यह अपराध आपकी सरकार ने किया : पटना. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा ने ट्वीट कर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने मोदी के बयान वाले अखबार की एक कटिंग को दिखाया है जिसमें लिखा है कि सत्ता में आये तो शिक्षकों को पुराना वेतनमान. इस बयान पर मदन मोहन झा ने लिखा है कि यह आपका बयान है.

शिक्षक संघर्ष समिति दाखिल करेगी समीक्षा याचिका

पटना : समान काम, समान वेतन मामले में राज्य सरकार के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बिहार शिक्षक संघर्ष समिति समीक्षा याचिका (रिव्यू पिटीशन) दाखिल करेगी. समिति के आधिकारिक प्रवक्ता संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि यह निर्णय समिति की कोर कमेटी की बैठक में लिया गया.

By न्यूज़ डेस्क

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