आज से आषाढ़ मास का गुप्त नवरात्र प्रारंभ :
नवगछिया : वर्ष में चार नवरात्रि आती हैं। दो सामान्य होती हैं और दो गुप्त होती हैं। दो नवरात्रि चैत्र और आश्विन मास में आती हैं। इनके अलावा माघ और आषाढ़ मास में भी नवरात्रि आती है, जिन्हें गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। 3 जुलाई से प्रारंभ होकर 11 जुलाई तक आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि रहेगी। आषाढ़ मास की नवरात्रि में गुप्त रूप से देवी मां की पूजा की जाती है।
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श्री शिव शक्ति योगपीठ नवगछिया के पीठाधीश्वर परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने पत्रकारो से बातचीत के दौरान कहा कि आश्विन मास के नवरात्रि में मूल प्रकृति स्वरूप आदिशक्ति मां भगवती की पूजा, माघ मास के नवरात्रि में सरस्वती स्वरूप प्रधान, चैत्र मास के नवरात्रि में लक्ष्मी स्वरूप प्रधान एवं आषाढ़ मास के नवरात्रि में काली स्वरुप प्रधान की पूजा की जाती है।


आषाढ़ मास का नवरात्रि साधको के गुप्त साधना के लिए प्रसिद्ध है।इन दिनों में तंत्र-मंत्र कर्म काफी अधिक होते हैं। तांत्रिकों के लिए इस नवरात्रि का महत्व काफी अधिक है। देवी मां के हवन, पूजन आदि कर्म गुप्त रूप होते हैं, इसीलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं। गुप्त नवरात्रि में मानसिक पूजा करने का महत्व है।

आमतौर पर पूजा देर रात में की जाती है।साल में चार बार नवरात्र आते हैं। दो सामान्य होती हैं और दो गुप्त नवरात्र होते हैं। गुप्त नवरात्र में तंत्र, मंत्र और यंत्र की साधना से 10 गुना अधिक शुभ फल प्राप्त होता है। आषाढ़ मास की नवरात्रि में शिव और शक्ति की उपासना की जाती है। गुप्त नवरात्र विशेष तौर पर गुप्त सिद्धियां पाने का समय है।
