पटना में विधानसभा का घेराव करने जा रहे नियोजित शिक्षकों और पुलिस के बीच गुरुवार को जबरदस्त झड़प हुई। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई शिक्षकों के घायल होने की सूचना भी है। विधानसभा की ओर आगे बढ़ने से पुलिस ने जब शिक्षकों को रोका तो वे गेट तोड़ने का प्रयास करने लगे। आंदोलनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का प्रयोग करना पड़ा।
बिहार के नियोजित शिक्षकों के संघ ने आज बिहार विधानसभा घेराव कर रहे है। विधासभा घेराव के इस कार्यक्रम शिक्षकों के कई संगठन शामिल है। प्रदेश के कोने-कोने बड़ी संख्या में प्राइमरी, मीडिल स्कूल के शिक्षक पटना पहुंचे हैं। राज्य के सभी शिक्षक वेतनमान मामले को लेकर सरकार से लगातार नाराज चल रहे हैं और पहले भी कई दफा आंदोलन कर चुके हैं।

इस दौरान बैरिकेड तोड़ने की कोशिश कर रहे नियोजित शिक्षकों पर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ देर बाद बवाल ज्यादा बढ़ते देख पुलिस उग्र हो गई। प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने के कारण पुलिस ने शिक्षकों पर जमकर लाठी बरसाई। इस दौरान कई लोगों को चोटें आई हैं। हजारों की संख्या में आए शिक्षकों के हंगामे के कारण काफी देर तक अफरातफरी मची रही। मौका पाकर शिक्षकों ने भी पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसमें कुछ पुलिसकर्मी भी चोटहिल हुए हैं।

प्रदर्शन कर रहे पांच शिक्षकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जिसपर शिक्षक और भी उग्र हो गए। हंगामें को देखते हुए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हंगामे के दौरान गर्दनीबाग की ओर से आने-जाने वाली गाड़ियों भी काफी देर तक फंसी रहीं। पहली बार सभी 18 संगठनों के शिक्षक एकजुट होकर सरकार के खिलाफ ये प्रदर्शन किया।

बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के महासचिव मंडल के सदस्य अमित विक्रम ने बताया कि पूरे राज्य के सभी सरकारी विद्यालय में नियोजित शिक्षक धरने में शामिल हुए हैं। आंदोलन को प्राथमिक शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट, अराजपत्रित शिक्षक संघ, बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार राज्य पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ, टीईटी शिक्षक संघ, टीईटी-एसटीईटी शिक्षक संघ, टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ सहित कुल 18 शिक्षक संघों ने गुरुवार को बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले समर्थन दिया है। इस दौरान हजारों शिक्षक पटना में हैं।


