खरीक : सिंहकुंड में भी कटाव जारी है। बुधवार को गांव के 6 लोगों के घर कटाव के मुहाने पर आ गए हैं। जो कभी भी नदी में समा सकते हें। इनमें सचिन मलिक, पारो मलिक, मुन्ना मलिक, गोहाल मलिक, टुनटुन मलिक व भगत मलिक के घर शामिल हैं। कटाव की रफ्तार दिन प्रतिदिन तेज होते जा रही है।
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अब तक यहां 19 लोगों का आशियाना नदी में विलीन हो चुका है। पीड़ित परिवार आसमान के नीचे जिंदगी गुजार रहे हैं। अब तक राहत के नाम पर प्रशासन ने पीड़ितों को सिर्फ प्लास्टिक सीट मुहैया कराया है। इधर बागजान तटबंध की स्थिति फिलहाल नियंत्रित है। किन्तु वहां हो रहे वचाव कार्य अब तक प्रभावी नहीं दिख रहा है।


अपना आशियाना खुद उजाड़ पलायन कर रहे ग्रामीण
कहारपुर व गोविंदपुर में कोसी का कटाव जारी है। अब तक दोनों गांव के 15 घर कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं। कई घर कटाव के मुहाने पर हैं। इससे ग्रामीण अपना आशियाना खुद उजाड़ कर सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। लूटो शर्मा, देवांशु सिंह, सनातन सिंह, खुशीलाल शर्मा ने बताया कि अब तक यहां कटावरोधी काम शुरू नहीं किया गया है। रोज उपजाऊ जमीन कोसी में समा रहा है।

पानी घटने के बाद कितने किसानों के पास उपजाऊ जमीन ही नहीं रहेगी। ऐसे में परिवार चलाने के लिए तो रोजी-रोटी की तलाश में बाहर जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने कहा कि अब तक कोसी घर व खेत ही अपने आगोश में ले रही थी, लेकिन बुधवार को एक मासूम भी कटाव की जद में आकर नदी में डूब गया। ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
