सती बिहुला की जमीन नवगछिया बिहुला के रंग में रंगने लगा है। हर साल बिहुला पूजा 17 अगस्त को ही होता है। बिहुला के मायके नवगछिया में पिछले दिनों से हर साल आयोजित होने वाली बिहुला विषहरी पूजा में लगातार भव्यता बढ़ रही है।.
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वर्षों पूर्व से नवगछिया में एक मात्र हड़िया पट्टी में प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती रही है, लेकिन एक दशक से नवगछिया छोटी ठाकुरबाड़ी रोड में पंडाल निर्माण कर और पूरे प्रचार-प्रसार एवं पंडाल में बिहुला विषहरी से जुड़ी कलाकृति मंजूषा पेंटिंग्स को दिखाते हुए पूजा हो रही है। वहीं हाल के वर्षों में मखा तकिया, मुसहरी टोला, नोनिया पट्टी में भी प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जा रही है।

इस वर्ष से नवगछिया के भवानीपुर में स्वामी आगमानंद महाराज के निर्देश पर पहली बार प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाएगी। इसके अलावे तेतरी जीरोमाइल से आगे, पकरा, नगरह, धरहरा, पचगछिया, रसलपुर, इस्माईलपुर व रंगरा में भी मंदिरों में बिहुला विषहरी की पूजा की तैयारी चल रही है। .

