ढोलबज्जा: एक ओर सरकार स्वच्छ भारत मिशन के सपनों को सकार करने के लिए हर गांव-मोहल्ले में स्वच्छता अभियान चला रहे हैं तो, दुसरे तरफ खैरपुर कदवा के बाजार वासियों ने सरकार के इस फैसले को ठेंगा देखा रहे हैं. पंचायत अंतर्गत दुर्गा मंदिर के पीछे महादलित मोहल्ले के कोसी धार में वहां के बाजार वासियों के द्वरा सढे़-गले आलू प्याज व अन्य राशन सामग्रियों के साथ पॉलिथिन वगैरह को बार-बार ढंप किया जाता है.
जिससे बरसात व बाढ़ के दिनों में इस कोसी धार में पानी भर जाने के साथ हीं यह कचडे़ की ढेर सढ़ने व बजबजाने लगते हैं. उससे निकल रहे बदबू से जहां ढोलबज्जा- फोरलेन सड़क मार्ग होकर चल रहे राहगीरों को सांस लेना मुश्किल है तो, वहीं सड़क किनारे बसे महादलित मुहल्ले के लोगों को जीना हराम हो गया है. उसी जगह खुले में मनुष्य से लेकर जानवर तक भी अपना मल-मूत्र त्याग करते हैं. इस गंदगी के कारण हीं फैले प्रदूषण से पिछले वर्ष कई लोग डायरिया के शिकार हुए थे.


जिसमें भकुल मलिक की दो बेटी की मौत हो गई थी. तब जाकर नवगछिया अनुमंडलीय अस्पलाल के सीएस साथ ढोलबज्जा के स्वास्थ्य कर्मी व मुखिया अजय ने यहां कैंप किया था. वहीं महदलित परिवारों ने बताया कि- यह कचडा़ हमलोगों के पानी पीने के चपाकल व बैठने सोने के जगह घर के चारों तरफ हवा पानी के साथ बहकर फैल जाता है. यदि इससे तंग होकर कुछ बोलते हैं तो बाजार वासियों मार-पीट करने पर उतारू हो जाते हैं.
उक्त बातों को लेकर पंचायत के मुखिया अजय कुमार बताते हैं कि- कई बार इस कचडे़ को साफ करवा कर दवाई का छिड़काव कराया गया. मना करने के बावजूद भी बाजार वासी नहीं मानते. बुधवार के बाद सभी कचडे़ को उस जगह से साफ कर हटाया जायेगा. इसके बाद फिर कोई गंदगी फैलायेंगे तो उस पर उचित कार्यवाही की जायेगी.

