जेल भेजे जाने से पहले नवोदय विद्यालय, नगरपारा के प्राचार्य डॉ. ब्रजेश कुमार ने शनिवार को तिलकामांझी पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराया। स्वीकारोक्ति बयान की कॉपी सीजेएम कोर्ट को भी भेज दी गई है। प्राचार्य ने कहा कि बयान में प्रद्युम्न उपाध्याय उर्फ छोटू का अपहरण नहीं किया गया था। वीडियो के नाम पर ठगे रुपये वापस लेने के लिए बुलाया गया था। अपहृत छोटू ने भी रुपये लेने की बात स्वीकार की है।
डॉ. ब्रजेश कुमार ने बयान में कहा है कि एक साल पहले एक लड़की ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा और बातचीत करने की बात कही। इसी दौरान मेरी नंगी तस्वीर मंगवा ली। इसके बाद धमकी देने लगा कि छात्रों, स्कूल के शिक्षकों और स्कूल की वेबसाइट पर फोटो व मैसेज लोड कर दिया जाएगा। पहले बातचीत कर लड़के ने पांच लाख रुपये लिया। फिर तीन लाख और 13 अगस्त से पांच लाख रुपये, मोबाइल और लैपटॉप की मांग करने लगा। 28 अगस्त को छोटू के मोबाइल पर मैसेज भेजकर सामान और पैसा लेने के लिए बुलाया गया।


उसने नवगछिया आने की बात कही, लेकिन व्यवस्तता के कारण उसे स्कूल बुलाया। उसने अपना परिचय विक्रमशिला के प्रफुल्ल के रूप में दी, लेकिन बाद में सही नाम-पता बताया। उसे एक कमरे में बंदकर हाथ-पैर बांध दिया गया और वायरल वीडियो की मांग की और रुपये भी लौटाने को कहा। जावेद ने छोटू के मोबाइल से फोनकर घरवालों से रुपये वापस करने की मांग की। रात आठ बज जाने के कारण उसे कमरे में सुला दिया गया और 29 अगस्त की सुबह सौ रुपये देकर भेज दिया गया। कहा गया कि रुपये वापस करने के बाद बाइक और मोबाइल दिया जाएगा, लेकिन पुलिस ने अपहरण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। प्राचार्य ने प्रफुल्ल और छोटू के साथ हीरा, राहुल व अश्विनी के नाम का खुलासा किया है।

जेल भेजे गए नवोदय विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ब्रजेश कुमार की पत्नी सुभद्रा कुमारी ने बिहार के मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को पत्र लिखकर कहा है कि भागलपुर पुलिस ने पति को गलत तरीके से जेल भेज दिया है। घटना की ठीक से जांच नहीं की गई। प्राचार्य से ब्लैकमेल करने वाला प्रद्युम्न उपाध्याय उर्फ छोटू डीएम कार्यालय में तैनात होमगार्ड जवान नवलकिशोर उपाध्याय का पुत्र है। होमगार्ड का पुत्र होने के कारण पुलिस ने खूब दरियादिली दिखाई।

