गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण एनएच 80 पर पानी का दबाव और बढ़ गया है। अब दोपहिया वाहनों से भी गुजरने में लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं आसपास के इलाकों में पानी का दबाव बढ़ने के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो गया है।
रविवार की अपेक्षा सोमवार को जलस्तर और बढ़ गया है। खानकित्ता गांव के पास एनएच पर कटाव और तेजी से होने लगा है। बचाव के लिए एनएच के दोनों किनारों पर बोरे डाले जा रहे हैं जिसके कारण कटाव तो कम हुआ है। एनएच पर भी ज्यादा पानी नहीं चढ़ा है लेकिन जलस्तर में वृद्धि नहीं रुकी तो एनएच पर दोपहिया वाहनों और पैदल आना-जाना भी पूरी तरह बंद हो जाएगा। हालांकि सोमवार को भी दिनभर एनएच और बाढ़ नियंत्रण दल के अधिकारी और कर्मचारी राहत कार्य में लगे रहे।

मसाढ़ू पुल के पास की गयी मरम्मत
मसाढ़ू पुल के पास हुए कटाव के बाद मरम्मत का काम पूरा कर दिया गया है। वहां मिट्टी भरी बोरियां डालकर सड़क के बराबर ऊंचा कर दिया गया है जिससे उसके ऊपर से मोटरसाइकिल आदि आने-जाने लगे हैं लेकिन बाइक भी काफी संभालकर चलाना पड़ रहा है। सिर्फ एनएच ही नहीं एनएच से सटे गांवों में भी पानी का दबाव बढ़ने से ग्रामीणों के समक्ष विकट समस्या हो गयी है। जिनके घरों में पानी घुस गया है उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। लोग पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।
सन्हौला मार्ग पर ट्रकों का दबाव बढ़ा
बाढ़ के पानी का एनएच पर दबाव बढ़ जाने और एनएच पर भारी वाहनों के रोक लग जाने से ट्रकों का परिचालन अब सन्हौला होकर हो रहा है। उधर से ट्रकों को करीब 25 किलोमीटर अतिरिक्त घूमना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि कहलगांव की ओर से भागलपुर की ओर आने वाले स्टोन चिप्स (गिट्टी) लदे ट्रकों को इस ओर से नहीं आने दिया जा रहा है जिससे परेशानी हो रही है।
गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। एनएच पर मरम्मत का कार्य जारी है। मिट्टी भरी बोरियां डालकर कटाव रोकने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन जिस रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है यदि यह जारी रहा तो एनएच पर और खतरा बढ़ जाएगा।
राजकुमार, कार्यपालक अभियंता, एनएच


