पछुआ हवा के कारण अधिकतम तापमान 17 डिग्री व न्यूनतम 12 डिग्री रहा। कनकनी बढ़ने के कारण आम लोग दोपहर तक अपने अपने घरों में दुबकने के लिए मजबूर रहे। जिससे बाजारों के मार्गो पर ऑटो का परिचालन सामान्य रहा। तेज गति से हवा के प्रवाह से लोगों को कंपकंपी लगी रही। खासकर स्कूली बच्चों को इस भीषण ठंड में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शहर में संचालित निजी स्कूलों के संचालन में समय का परिवर्तन नहीं होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों एवं उसके अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। निजी स्कूलों में सुबह 7 बजे से ही कक्षा का संचालन होने के कारण पढ़ने वाले बच्चों को 5 बजे के आसपास ही तैयार होकर सुबह के साढ़े छह बजे बस स्टॉप पर जाना पड़ता है। जिसके कारण उसके अभिभावकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। शुक्रवार की अहले सुबह से ही वातावरण में घने कोहरे छाये रहने के कारण वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिसके कारण इन चालकों को हेड लाइट जलाकर चलने के लिए विवश होना पड़ा।

प्रशासन ने नहीं की है अलाव की व्यवस्था सार्वजनिक स्थानों एवं चौक चौराहे पर अलाव की व्यवस्था नहीं कराये जाने के रिक्शा चालक, ठेला चालक व आम लोगों में ठंड व कनकनी से ठिठुर रहे हैं। जिले की विभिन्न सामाजिक संगठन के लोगों एवं चैंम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विमल सिंह बेगानी ने अलाव की व्यवस्था की मांग की है।

