विपिन ठाकुर, गोपालपुर – 153 गोपालपुर विधान सभा 1957 में अस्तित्त्व में आया .1957 के विधानसभा चुनाव में सीपीआई स्व कामरेड मणिराम सिंह उर्फ गुरुजी विधान सभा पहुँचने में सफल रहे. परन्तु 1962 में हुए बिहार विधान सभा के चुनाव में कांग्रेस की माया देवी ने उन्हें हरा कर गोपालपुर की महिला विधायक होने का गौरव प्राप्त किया. सीपीआई के स्व कामरेड मणिराम सिंह ने पुनः 1967 में संपन्न हुए बिहार विधान सभा के चुनाव में कांग्रेस विधायक माया देवी को हराकर अपनी सीट को दुबारा हासिल किया. परन्तु 1969 ई में संपन्न हुए बिहार विधान सभा के मध्यावति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में स्व मदन प्रसाद सिंह ने सीपीआई के स्व मणिराम सिंह को चुनाव में पटकनी देकर विधायक बनने में सफल हुए.
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पुन: दूसरी बार 1972 में संपन्न हुए चुनाव में स्व मदन प्रसाद सिंह कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में विधान सभा चुनाव जीतने में सफल रहे. आपातकाल के बाद हुए 1977 के बिहार विधान सभा चुनाव में पुन: सीपीआई प्रत्याशी के रूप में स्व कामरेड मणिराम सिंह तीसरी बार विधायक बनने में सफल रहे. परन्तु 1980 के मिड टर्म पोल में पुन: कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में तीसरी स्व मदन प्रसाद सिंह विधान सभा पहुँचने में कामयाब हुए.1985 के विधान सभा चुनाव में पुन: लगातार विधायक बन चौथी बार विधान सभा पहुँचने वाले नेता बने स्व मदन प्रसाद सिंह

1990 में संपन्न हुए बिहार विधान सभा के चुनाल़व में काफी कम मतों से भाजपा प्रत्याशी के रूप में स्व ञानेश्वर प्रसाद यादव पहली बार कमल खिलाने में सफल हुए .परन्तु 1995 व 2000 में संपन्न हुए बिहार विधान सभा चुनाव में जनता दल व राजद प्रत्याशी के रूप में डा आर के राणा विधायक बनने में कामयाब रहे. 2005 में संपन्न हुए चुनाव में डा आर के राणा के पुत्र अमित राणा विधायक बनने में सफल तो हुए. परन्तु विधान सभा के गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण पुन: फरवरी 2005 में हुए बिहार विधान सभा चुनाव में जनता दल युनाइटेड प्रत्याशी के रूप में नरेन्द्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल विधायक बनने में सफल हुए और 2010 और 2015 में भी लगातार विधायक का चुनाव जीत कर जीत की हैट्रिक बनाने वाले विधायक में शुमार हो गये.

अब 2020 में संपन्न होने वाले चुनाव में गोपालपुर विधान सभा चुनाव में कुल दो लाख 69 हजार 353 मतदाता अपने नये विघायक का चुनान करेंगे. हालाँकि सभी राजनीतिक दलों व गछबंधन के द्वारा चुनावी वैतरणी पार करने हेतु जनता की नब्ज टटोलने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. सत्तारूढ एनडीए व महागठबंधन में इस बार रोचक मुकाबला होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

