कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती तादात व इसके संक्रमण का दायरा बढ़ता देख एहतियातन स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत मायागंज अस्पताल में नया बने जच्चा-बच्चा अस्पताल में 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड खोल दिया गया है। इस वार्ड में हर रोज तीनों शिफ्ट में कुल 18 डॉक्टरों की तैनाती की गयी है। जबकि वार्ड का प्रभारी माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार को बनाया गया है।
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मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरसी मंडल ने बताया कि उनकी सोमवार की सुबह प्रधान सचिव स्वास्थ्य के साथ वार्ता हुई। वार्ता के क्रम में बताया कि एहतियातन मायागंज अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाये। उन्होंने कहा कि सोमवार से मायागंज अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन (ऐसे ऑपरेशन जिनके बगैर काम चल जाये) पूरी तरह से बंद रहेंगे, लेकिन इमरजेंसी मरीजों का ऑपरेशन होगा।
यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी। शनिवार को सर्जरी विभाग में एक भी ऑपरेशन नहीं हुआ, जबकि हड्डी विभाग में सूचीबद्ध 11 में से छह मरीजों का ऑपरेशन हुआ। इसी तरह कान, नाक व गला रोग विभाग में एक, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में सिजेरियन, बंध्याकरण व गर्भपात एक-एक ऑपरेशन हुआ। शनिवार को सदर अस्पताल के ओपीडी, इंडोर, नशा मुक्ति केंद्र समेत अन्य विभाग व परिसर को संक्रमणमुक्त कराया गया।

एम्स के डॉक्टरों ने बताया कोरोना के मरीजों के इलाज के गुर
शनिवार को मायागंज अस्पताल के पांच डॉक्टरों ने वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये एम्स नई दिल्ली के डॉक्टरों से कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों के इलाज के गुर सीखे। एनआईसी भवन में आयोजित वीडियो कान्फ्रेंसिंग में एम्स के डॉक्टरों ने डिमास्ट्रेशन के जरिये एडल्ट रेसपिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम पर विस्तार से बताया, बल्कि इस दौरान कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज व इस दौरान बरते जाने वाली सावधानी को बताया। इस दौरान मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हेमशंकर शर्मा, टीबी एंड चेस्ट विभाग के अध्यक्ष डॉ. शांतनु घोष, एनेस्थेसिया विभाग की अध्यक्ष डॉ. बीना होरा, आईसीयू के प्रभारी डॉ. महेश कुमार व डॉ. रोहित कुमार मौजूद रहे।

