अब कोरोना का टेस्ट भागलपुर में भी हो सकेगा। 15 अप्रैल से मेडिकल कॉलेज अस्पताल के टीबी विभाग में सीबीनेट मशीन से टेस्ट होगा। फ्रांस से कोरोना टेस्ट का किट तीन दिन बाद भागलपुर में उपलब्ध हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव कौशल किशोर ने राज्य सरकार के फैसले से जिले के मेडिकल अफसरों को अवगत करा दिया है। सरकार के फैसले के बाद मेडिकल काॅलेज के प्रिंसिपल डॉ. हेमंत सिन्हा ने शुक्रवार को सीनियर फिजिशियन डॉ. डीपी सिंह, डॉ. शांतनु घोष, डॉ. एसडी तिवारी, डॉ. अमित कुमार, डॉ. अमित आनंद, माइक्रोबायोलॉजिस्ट प्रतीक व इंद्रजीत के साथ कोरोना टेस्ट को लेकर करीब दो घंटे तक बैठक की।
टीबी वार्ड में कल्चर जीएसटी लैब में इसका टेस्ट होगा। टेस्ट के लिए तीन मशीनें लगाई जाएंगी। दो मशीनें सदर अस्पताल भागलपुर और बांका से मंगाई जाएंगी। प्रिंसिपल ने बताया कि अभी लोड कम है, लेकिन यदि लोड बढ़ेगा तो तीनों मशीनों से काम लिया जाएगा। एक मशीन से एक दिन में 12 सैंपल का टेस्ट हाे सकेगा। तीनों मशीनों से एक दिन में 36 सैंपल की जांच की जाएगी।

दो माइक्रोबायोलॉजिस्ट और चार लैब तकनीशियनों की कर दी गई है तैनाती
सरकार के आदेश के बाद भागलपुर में दो माइक्रोबायोलॉजिस्ट, जिनमें एक ट्यूटर अौर एक सहायक प्राध्यापक हैं, और चार लैब तकनीशियनों की तैनाती कर दी गई है। ये सभी कर्मी बीएलसी-3 सुरक्षा मानक युक्त यक्ष्मा जांच प्रयोगशाला में योगदान देंगे।
-डाॅ. हेमंत सिन्हा, प्रिंसिपल, जेएलएनएमसीएच
किट अाने के बाद डॉक्टरों और तकनीशियनों को मिलेगी ट्रेनिंग
डॉ. डीपी सिंह ने प्रिंसिपल को बताया कि टीबी की जांच के लिए कल्चर जीएसटी लैब उपयोग में लाया जा रहा है। कोराेना टेस्ट के लिए भी यह मशीन कारगार है। सिर्फ स्पेशल किट लगाना हाेगा। फ्रांस से किट अाने के बाद डॉक्टरों व तकनीशियनों को ट्रेनिंग दी जाएगी। यहां टेस्ट शुरू होने से 13 जिलों के मरीजों को फायदा हाेगा। भागलपुर के अलावा बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, खगड़िया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार व अररिया के लाेगाें के सैंपल जांचे जाएंगे। सीबीनेट मशीन से टीबीडीसी दरभंगा, आईजीआईएमएस पटना अाैर एनएमसीएच में भी जांच हाेगी।


