नेपाल में लगातार हो रही बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. उत्तर बिहार की नदियां बागमती, कमला, गंडक के अलावा पहाड़ी नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है. इससे मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, मधुबनी, और बेतिया में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. वाल्मीकिनगर झंडु टोला स्थित एसएसबी कैंप में पानी भर गया है.

सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर में बाढ़ में डूबने से युवक की मौत हो गयी. पश्चिम चंपारण की पहाड़ी नदियों पंडई, हरबोड़ा, ओरिया, मनियारी उफान पर है, योगापट्टी के कुछ गांवों में गंडक का पानी घुस गया है. गंडक, मसान खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसके चलते बगहा अनुमंडल के सातों प्रखंडों के निचले इलाकों के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है.

सुपौल के कई गांवों में घुसा पानी, टूटीं सड़कें

भारी बारिश से कोसी-महानंदा सहित अन्य सहायक नदियों के जल स्तर में उतार-चढ़ाव जारी है. सुपौल के तटबंध के अंदर के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. कटिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. बारिश के कारण कोसी नदी के जल स्तर में वृद्धि दर्ज की गयी. शुक्रवार को ही कोसी का डिस्चार्ज ढाई लाख क्यूसेक को पार कर चुका था, जो शनिवार की सुबह इस वर्ष के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया.

शुक्रवार एवं शनिवार को कोसी बराज से निकला पानी सुपौल, किसनपुर, सरायगढ़, निर्मली, मरौना के दर्जनों गांवों में पानी प्रवेश कर गया है. दर्जनों सड़कें ध्वस्त हो गयी हैं. कटिहार में महानंदा के जल स्तर में वृद्धि हुई है. पिछले 18 घंटे में इस नदी का जल स्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ा है. आशंका जतायी जा रही है रविवार तक महानंदा खतरे के निशान पार कर जायेगी.

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By न्यूज़ डेस्क

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