विक्रमशिला सेतु पर ट्रैक्टर का गुल्ला टूट जाने के कारण मंगलवार की रात 10 बजे से लेकर बुधवार की सुबह 7 बजे तक जाम रहा। इससे विक्रमशिला सेतु 10 घंटा जाम रहा। वाहन चालक एक ही जगह पर 10 घंटे से गाड़ी को लेकर खड़े रहे। दरअसल सेतु के बीच में एक ट्रैक्टर का गुल्ला टूट गया, उसके बाद वाहनों की लंबी कतार लगने लगी, ट्रैक्टर को किनारे कर रात के 1 बजे तक उसे रिपेयर कर लिया गया, लेकिन कतार में घंटों खड़े रहने से ट्रक ड्राइवरों को नींद आ गई। ट्रैक्टर ठीक होने के बाद भी घंटों जाम लगा रहा।
जब पुलिस हरकत में आई तब सुबह 7 बजे वाहनों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया। जाम का असर नवगछिया से जगदीशपुर और सबौर तक रहा। गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। जाम का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि विक्रमशिला टीओपी के जवान रात भर मशक्कत करते रहे, लेकिन जाम से छुटकारा नहीं मिल रहा था। अगर विक्रमशिला सेतु पर इसी तरह से जाम की स्थिति बनी रही तो चुनाव में आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

तीन वाहनों पर क्षमता से अधिक लदे थे सामान
विक्रमशिला सेतु पर यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों पर पुलिस ने जुर्माना ठोका। तीन वाहनों से 97 हजार 500 का जुर्माना किया गया। तीनों वाहनों पर ओवरलोडेड समान थे। विक्रमशिला सेतु यातायात टीओपी प्रभारी विशेष कुमार ने बताया कि मंगलवार की रात में ही ट्रैक्टर का गुल्ला टूट गया था जिसके कारण जाम की स्थिति बनी।


