भागलपुर के सिटी एसपी एस के सरोज व ट्रैफिक डीएसपी आरके झा गुरुवार को मड़वा पहुंचे। दोनों अफसरों ने बिहपुर पुलिस की पिटाई से साॅफ्टवेयर इंजीनियर आशुतोष पाठक के मौत मामले की जानकारी ग्रामीणों से ली। वे आशुतोष के परिजनों से भी मिले। परिजनों ने फरार पूर्व थानेदार रंजीत मंडल की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने और मुआवजा नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर की। इस पर सिटी एसपी ने कहा कि शीघ्र ही घटना के मुख्य आरोपी रंजीत मंडल पुलिस की गिरफ्त में होगा। उन्होंने दावा किया कि पूर्व थानेदार बर्खास्त भी होगा।
थानेदार के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हर हाल में परिजनों को न्याय मिलेगा। इसके लिए एक-एक बिंदु पर जांच चल रही है। मौके पर पूर्व सरपंच सुनील चौधरी, पूर्व मुखिया पवन राय मौजूद थे। बता दें कि बीते 24 अक्टूबर को एनएच 31 पर महंथ चौक के समीप वाहन चेकिंग के दौरान इंजीनियर आशुतोष पुलिस से उलझ गये थे। जिसके बाद पुलिस ने उनकी बेरहमी से पिटाई की थी। घटना के दूसरे दिन 25 अक्टूबर को मायागंज अस्पताल में आशुतोष की मौत हो गई थी। बिहपुर व मुंगेर में हुई घटना के खिलाफ शुक्रवार को सोशलिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता बिहपुर में उपवास रखेंगे।

तीन पुलिसकर्मी समेत चार आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इंजीरियर की मौत मामले में एसआईटी ने अब तक तीन पुलिसकर्मी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जिसमें एएसआई शिवबालक प्रसाद, होमगार्ड जवान राजू पासवान व मनोज चौधरी और पूर्व थानेदार का निजी वाहन चालक जहांगीर राइन शामिल हैं। किन्तु, घटना के मुख्य आरोपी बिहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष रणजीत मंडल अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हालांकि, पुलिस ने फरार थानेदार के घर की कुर्की चुकी है और पुलिस का दावा है कि शीघ्र ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।


