विधानसभा चुनाव में मिली हार और बिहार में महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाने में बड़ा रोड़ा साबित होने वाले कांग्रेस ने नया दाव खेला है। वरीय नेता व मध्यप्रदेश में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि नीतीशजी दिल बड़ा करें, देश की राजनीति में आ जाएं और भतीजे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बना दें। डिप्टी सीएम का या जो भी पद जदयू को ठीक लगे, फॉर्मूला बना ले। लड़ाई विचारधारा की होती है।
उन्होंने कहा कि देश में बिगड़ी अर्थव्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए उन्हें इस फाॅर्मूले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। वह मित्र तुल्य हैं। वे 70 के दशक में छात्र राजनीति से जेपी की संपूर्ण क्रांति की उपज हैं। लालू प्रसाद भी उसी आंदोलन की उपज हैं, जिन्होंने कभी संघ की विचारधारा से समझौता नहीं किया। कांग्रेस ने तो अपना नुकसान उठाकर भी उनका समर्थन किया है।

प्रेमचंद्र मिश्रा बोले- 10 दिनों में समीक्षा करेंगे, कहां चूक हुई
इन आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता व एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा- अगले 10 दिनों में समीक्षा होगी कि कहां चूक हुई। प्रभारी महासचिव गोहिल जी अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाए हैं। करीब 10 सीटों पर जबरन हरवा दिए गए महागठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में राजद कोर्ट जाने से लेकर आंदोलन का जो कार्यक्रम तय करेगा, कांग्रेस उस फैसले के साथ है।
अधिकारियों ने सत्ताधारी दल के इशारे पर जनमत का कर लिया अपहरण
इधर, प्रदेश कांग्रेस डाॅ. मदन माेहन झा ने कहा कि मतगणना के दिन बिहार में अधिकारियों ने सत्ताधारी दल के इशारे पर जनमत का अपहरण कर लिया। सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्हाेंने कहा- मतगणना के दिन हुई हेराफेरी को बिहार की जनता समझ रही है। भविष्य में जनता ही इसका जवाब देगी। मतगणना के दिन 3 बजे के बाद अधिकारियों ने ईवीएम बदलने की कोशिश की। सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि जहां जीत-हार का अंतर कम था, वहां महागठबंधन के उम्मीदवारों को हरवा दिया गया। बरबीघा, किशनगंज, टेकारी, अमरपुर, हिलसा, सकरा जैसी 10 सीटों का मामला सामने आया है। पूरे मामले पर निर्वाचन आयोग की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता इसका बदला अवश्य लेगी। प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि मतगणना के दिन ही जनमत की चोरी कर ली गई।


