शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्वीकार किया कि स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता पर नीति आयोग, विश्व बैंक और मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा 30 मानकों पर आधारित संयुक्त रूप से तैयार इंडेक्स में बिहार की रैंकिंग 17वें स्थान पर है। इसमें सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शनिवार को विप में रामचंद्र पूर्वे के अल्पसूचित प्रश्न का वे उत्तर दे रहे थे।

मंत्री ने कहा कि वर्ष 2019-20 में 5646 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में उन्नयन बिहार योजना के तहत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की शुरुआत हुई। 2948 उच्च व उच्चतर माध्यमिक स्कूल विहीन पंचायतों में वर्ग 9 की पढ़ाई शुरू करने के लिए वर्गकक्ष के साथ आवश्यक उपकरण की व्यवस्था की गई। राज्य के प्रारंभिक स्कूलों में 90762 और हाईस्कूलों में 30020 शिक्षकों के नियोजन की कार्रवाई की जा रही है।

स्मार्ट क्लस रूम के माध्यम कक्षा 9 व 10 के पाठ्यपुस्तक के अधार पर ई-कंटेंट का निर्माण कराया गया। वर्ग 1 से 12 तक के सभी पुस्तकों का ई-कंटेंट बिहार टेक्स्ट बुक पब्लिशिंग कॉरपोरेशन की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। विद्यावाहिनी एप पर वर्ग 1 से 12 तक के सभसी पुस्तकों ई-कंटेंट उपलब्ध है। इसमें छात्र-छात्राओं को नोट्स बनाने की भी सुविधा उपलब्ध है। अकादमिक वर्ष 2021-22 में सभी कक्षाओं में 3 महीने का विशेष कैच अप कोर्स चलाने की तैयारी की जा रही है।

18 अनुमंडल में एक भी डिग्री कॉलेज नहीं

राजद के सुबोध कुमार के तारांकित प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा राज्य के सभी अनुमंडलों में कम से कम एक डिग्री कॉलेज खोलने की कार्रवाई की जा रही है। अब भी 18 अनुमंडल में एक भी डिग्री कॉलेज नहीं हैं। राधोपुर में अभी डिग्री कॉलेज खोलने का प्रस्ताव नहीं है। देवेश चंद्र ठाकुर, संजीव कुमार सिंह, गुलाम गौस सहित कई सदस्यों ने राधोपुर में खोलने की आवश्यकता जताई। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगले चरण में इस पर विचार होगा। इसके पहले भाजपा के नवल किशोर यादव की सुबोध यादव से तीखी बहस हो गई। नवल किशोर यादव ने कह दिया कि राधोपुर क्षेत्र से कई बड़े नेताओं के प्रतिनिधित्व के बाद भी डिग्री कॉलेज क्यों नहीं खुलवाए जा सके?

शिक्षा में बिहार 17वें स्थान पर, रैंक सुधारने के लिए उठाए जा रहे कदम

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विवि में नियमित शिक्षकों की नियुक्त होने पर अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त हो जाएगी। अभी राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में मानक के अनुरूप लगभग 1800 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। अतिथि शिक्षकों का मानदेय प्रति कक्षा 1000 से बढ़ाकर 1500 और प्रतिमाह अधिकतम 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि राज्य के 13 परंपरागत विवि में बीपीएससी के माध्यम से वर्ष 2016-20 तक 2776 सहायक प्रोफेसर की बहाली की गई है। भाकपा के संजय कुमार सिंह के अल्पसूचित प्रश्न का शिक्षा मंत्री जवाब दे रहे थे।

जदयू के संजीव कुमार सिंह अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि 15 फरवरी 2011 के बाद नियुक्त मदरसा और संस्कृत शिक्षकों को ईपीएफ का लाभ एक अक्टूबर 2020 से दिया जा रहा है। सदस्यों ने कहा कि पहले वाले ऐसे शिक्षकों को ईपीएफ का लाभ मिल रहा है, लेकिन बीच के कुछ वर्षों के शिक्षक इस लाभ से वंचित हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि इसकी जांच करा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जदयू के संजीव श्याम सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि नियोजित शिक्षकों को 20 अगस्त 2020 से सेवाशर्त नियमावली के आधार पर अर्जित अवकाश और अन्य प्रकार के अवकाश का लाभ दिया जा रहा है।

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By न्यूज़ डेस्क

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