कोरोना के जांच-इलाज के लिए आ रहे कोरोना मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर ढंग से उपलब्ध न करा पाने के कारण खरीक पीएचसी के हेल्थ मैनेजर का वेतन काट दिया गया। वहीं दो घंटे की देरी से टीकाकरण अभियान शुरू करने पर सिविल सर्जन ने शहरी पीएचसी की नर्सों व डॉक्टर को कड़ी फटकार लगायी गयी है। सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा ने बताया कि खरीक पीएचसी के स्वास्थ्य प्रबंधक सही तरीके से मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं को उपलब्ध करा पाने में नाकाम साबित हो रहे थे।
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उन्हें इससे पहले अपनी कार्यशैली में सुधार के लिए चेतावनी दी गयी थी। लेकिन पुन: दोषी मिलने पर हेल्थ मैनेजर के वेतन के पांच प्रतिशत की कटौती का आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं सिविल सर्जन ने पाया गया कि शहरी पीएचसी मोहद्दीनगर में डॉक्टर सुबह आठ बजे के बजाय 11 बजे ड्यूटी पर आते हैं। जिससे कि टीकाकरण अभियान सुबह नौ बजे के बजाय पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होता है।

यहां टीका लगवाने के लिए आये लोगों को परेशानी होती है। इस को लेकर शहरी पीएचसी की डॉक्टर व यहां पर तैनात नर्सों को अंतिम चेतावनी दी गयी है कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं। अब अगर देरी से टीकाकरण की शिकायत मिली तो इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

