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नवगछिया: परबत्ता थाना क्षेत्र के खगड़ा के पास मंगलवार सोमवार की देर रात ड्यूटी में तैनात होमगार्ड जवान सुनील मिश्र की मौत अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से हो गई. घटना उस समय की है, जब सुनील कुमार खगड़ा स्थित विक्रमशिला पहुंच पथ पर ड्यूटी में तैनात था. इस दौरान नवगछिया से भागलपुर की ओर जा रही अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें धक्का मार दिया. जिसके बाद उनकी मौत मौके पर ही हो गई. घटना के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर भागने में सफल रहा. वहीं घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य चौकीदार द्वारा उसकी सूचना परबत्ता थाना में दी गयी. जिसके बाद थाना अध्यक्ष ए के आजाद घटनास्थल पर पहुंच कर सब को भागलपुर मायागंज भेजा. मंगलवार को सब का पोस्टमार्टम भागलपुर मायागंज में किया गया. घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में मातम का माहौल छाया हुआ है. मंगलवार को होमगार्ड जवान का शव भागलपुर से नवगछिया पुलिस लाइन लाया गया. जहां उनके सब के साथ उनके दो पुत्र विकास मिश्र , ओम मिश्र साथ में नवगछिया पुलिस लाइन में मृत सुनील मिश्र के सब को बीएमपी जवानों द्वारा सलामी दी गई. इसके बाद मौके पर मौजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी राजीव कुमार रंजन, परबत्ता थानाध्यक्ष ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. मौके पर उन्हें संघ की ओर से उनके परिजनों को एक हजार रुपए, थाना अध्यक्ष की ओर से दो हजार रूपय, कबीर अंत्योष्टि  के तहत बीडीओ द्वारा 7000 दिए गए.वही बीडीओ ने बताया कि एसडिओ के द्वारा मृतक के परिजनों को बिस हजार व सरकारी लाभ चार लाख रुपया कागजी कार्यवाही पूरा होने के बाद दिया जाएगा.

30 वर्षों से थे होमगार्ड के पद पर तैनात

दिवंगत सुनील मिश्र बिहार पुलिस सेवा के गृह रक्षा वाहिनी के पद पर 30 वर्षों से अपना योगदान दे रहे थे. वह परवत्ता थाना 3 माह पूर्व ही गए थे. उनके परिवार में एकमात्र सुनील मिश्र ही थे, जो अपनी इस नौकरी के बल पर अपने दो पुत्र व तीन पुत्री का भरण पोषण कर रहे थे. उन्हें दो पुत्र विकास मिश्र व ओम प्रकाश मिश्र तीन पुत्री कंचन, रचना व सपना है. जिसमें सुनील मिश्र द्वारा अपने एक पुत्री कंचन की शादी अपने जीवित में ही करवा चुके थे. बांकी दो पुत्री आठवीं व नवी कक्षा की छात्रा है.पिता की मौत के बाद परिवार में  मातम का माहौल बना हुआ है. पूरा परिवार सुनील मिश्र के कंधों पर टिका हुआ था. मगर एकाएक उनकी मौत से पूरा परिवार सदमे में चला गया है. अब दो बहन और एक भाई की जिम्मेदारी अब उनके बड़े पुत्र विकास मिश्र के कंधों पर आ गई है. गृह रक्षा वाहिनी संघ द्वारा कहा गया कि मृत होमगार्ड के परिजनों को सरकार द्वारा मुआवजा के साथ-साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए. वहीं  संघ ने कहा कि का पुत्र जो दसवीं तक ही पढ़ाई कर सकता है. वह अपनी पढ़ाई इंटर तक पूरी कर करले, जिसके बाद उसे अपने पिता की जगह नौकरी मिल सके.

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By Rishav Mishra Krishna

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