राज्यव्यापी सड़क जाम के तहत किया गया जीरो माइल घंटों तक जाम भाकपा माले के अररिया जिला सचिव की मौत के कारण किया जाम शहीद के परिजनों को 20 लाख देने की मांग
नवगछिया : बीते दिनों भाकपा माले के जिला सचिव कामरेड सत्यनारायण यादव, कामरेड महेंद्र ऋषि देव की हत्या की जाने को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा राज्यव्यापी सड़क जाम के तहत बुधवार को नवगछिया जीरोमाइल पर सुबह करीब 10:30 बजे से एक बजे तक नवगछिया जीरोमाइल चौक पर जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया. इस दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा इंकलाब जिंदाबाद के नारे के साथ कामरेड सत्येंद्र नारायण सिंह यादव, कामरेड महेंद्र ऋषि देव को लाल सलाम करते हुए शहीद अमर रहे , लाल तेरी कसम खून का बदला हम लेकर रहेंगे. इसके अलावा शहीद कामरेड के परिजनों को 20 लाख मुआवजा देने की मांग की. भरगामा के थाना अध्यक्ष को हटाने की मांग भी की. बबलू मंडल के हत्यारे को अब तक क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया इस सभी बातों को लेकर भाकपा माले के नेताओं ने सड़क जाम किया. इसके अलावा नारेबाजी में के दौरान रंगरा प्रखंड में हुए आगजनी मामले में सत्ता संरक्षित भोला मंडल सहित सभी अपराधियों को गिरफ्तारी की मांग की. नारेबाजी में नीतीश कुमार शराब बंदी के नशे में से बाहर आओ अपराधियों पर लगाम लगाओ का नारा भी दिया गया. इसी नारों के साथ जिला सचिव कामरेड बिंदेश्वरी मंडल, इनोस राज्य सचिव कामरेड गौरीशंकर राय, ऐपवा जिला संयोजक कमरेड रेणु देवी, जिला कमेटी सदस्य कांग्रेस पुरुषोत्तमदास प्रमोद मंडल के साथ अन्य कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर चक्काजाम किया.
2 घंटे तक नेशनल हाइवे को जाम रखा.

भाकपा माले के समर्थकों द्वारा प्रदर्सन के दौरान नेशनल हाइवे दो घंटों बाधित रहा. जिससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई थी. मौके पर पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी राजीव कुमार रंजन व अंचलाधिकारी उदायकृष्ण यादव नवगछिया और नवगछिया थाना के अनि जवाहर प्रसाद द्वारा माले समर्थकों से जाम हटाने की बात कही गई. जिसके बाद करीब 1:00 बजे माले समर्थकों ने सड़क जाम हटाया. वही चक्का जाम को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला सचिव कामरेड विंदेश्वरी मंडल ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार में सत्ता का संरक्षण पर अंकुश है. अपराधियों का मनोबल बढ़ा है. पुलिस अपराधियों के सामने नतमस्तक है. अररिया, भागलपुर जिला, तिंटंगा, रंगरा, लोकमानपुर, खरीक एवं समस्तीपुर में पत्रकारों की हत्या इस का जीता जागता उदाहरण है. चक्का जाम में उषा देवी, पंची देवी, कामरेड सत्यनारायण यादव, बिहारी लाल शर्मा, मोहन यादव, अखिलेश शर्मा, सुरेश शर्मा, उपेंद्र महतो, रामचरण मंडल, नंदलाल विष्णु मंडल, अवधेश मंडल, सरफराज सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे.


