सावन की पहली साेमवारी काे बाबा बूढ़ानाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए कांवर लेकर गाेपालपुर के जदयू विधायक गाेपाल मंडल पहुंच गए। लेकिन मंदिर का पट बंद हाेने से वे पूजा नहीं कर पाए। मैनेजर ने मंदिर का गेट नहीं खाेला। इस दाैरान विधायक ने गेट पकड़कर कुछ देर तक पूरे दमखम से हिलाया-खटखटाया। इसके बाद मैनेजर अाए अाैर उन्हाेंने सरकार के निर्देश का हवाला देकर गेट नहीं खाेला। इससे विधायक नाराज हाे गए अाैर फिर मीडिया से भी बात की। इसके साथ ही वे अपने कुछ समर्थकाें के साथ वापस लौटे। इस बीच उन्हाेंने मंदिर प्रबंधक पर कई अाराेप लगाए। मीडिया से बात करते हुए विधायक मंडल ने कहा, हम बूढ़ानाथ मंदिर पूजा नहीं अाए थे, बल्कि मंदिर के अांगन में बैठकर शंकर भगवान से कुछ बात करने अाए थे।

हे शंकर… आप तीसरा नेत्र खोलिए

उन्हाेंने कहा, लगा कि एमएलए हैं ताे गेट खाेल देगा। मैनेजर के सामने बहुत गिड़गिड़ाए, लेकिन गेट नहीं खाेला। एक जमादार तैश में अा गया। अगर पूजा करने नहीं अाए हाेते ताे उसका तैश ताे तुरंत निकाल देते। थानेदार (बड़ा बाबू) से बात की। उनसे कहा कि सावन की पहली साेमवारी है, इसलिए पूजा करने अाए हैं। उन्हाेंने पूछा-अकेले हैं, ताे बताया-हां। फिर भी गेट नहीं खाेला। जबकि हमें जानकारी मिली है कि साइड से लाेगाें काे घुसाकर पूजा करवाया गया। बड़े लाेगाें काे घुसा कर पूजा करवाया अाैर भले लाेगाें काे परेशान किया।

बाेलते हुए विधायक राै में अा गए। कहने लगे, हम ताे शंकर भगवान से बात करने अाए थे कि हे शंकर भगवान…अाप त्रिनेत्र वाले हैं। तीसरा नेत्र कहां है, उसे खाेलिए। अाप कहां है? देश में काेराना महामारी है। हमारा देश संताें का देश है। हमार देश किसानाें का देश है…। सावन में किसान पैदल कांवर लेकर भगवान शंकर की पूजा करने अाैर जल चढ़ाने अाते थे। लेकिन यहां ताे भगवान फाटक में बंद हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्हाेंने कहा कि काेई भगवान नहीं है। भगवान फाटक में बंद हैं…कर्म प्रधान है।

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By न्यूज़ डेस्क

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