भागलपुर, अनंत चतुर्दशी 19 सिंतबर को है। इस बार अनंत चतुर्दशी पर मंगल बुधादित्य योग का संयोग बन रहा है। इस वजह से व्रत और पूजा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह दिन काफी फलदायी होगा। रविवार को बूढ़ानाथ मंदिर, बाबा कुपेश्वरनाथ मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, संकट मोचन दरबार आदि मंदिरों में श्रद्धालु पंडितों के द्वारा अनंत की पूजा करायेंगे। इस दौरान श्रद्धालु भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा करेंगे।
पंडित श्रीराम पाठक ने बताया कि अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु को अनंत सूत्र बांधा जाता है, जिससे सारी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। अनंतसूत्र कपड़े या रेशम का बना होता है और इसमें 14 गांठ लगी होती हैं। अनंत चतुर्दशी पर इस बार मंगल, बुध और सूर्य एक साथ कन्या राशि में विराजमान रहेंगे। जिसकी वजह से मंगल बुधादित्य योग बन रहा है।

इस योग में की गई पूजा-अर्चना का महालाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि चतुर्दशी तिथि 18 सितंबर को संध्या 5:42 मिनट में प्रवेश कर गया। जो 19 सितंबर को संध्या 5:01 मिनट तक रहेगा। श्रद्धालु रविवार को अनंत सूत्र का पूजा कर धारण करेंगे। उधर, संकट मोचन दरबार के पंडित चंद्रशेखर झा ने बताया कि अनंत चतुर्दशी व्रत के महत्व का अग्नि पुराण में वर्णन मिलता है। इस दिन सुबह स्नान के बाद पूजा स्थल पर कलश स्थापित करें।
इसके बाद कलश पर भगवान विष्णु की तस्वीर भी लगाएं। एक धागे को कुमकुम, केसर और हल्दी से रंगकर अनंत सूत्र बनाएं। इसमें चौदह गांठें लगी होनी चाहिए। इस सूत्रों को भगवान विष्णु की तस्वीर के सामने रखें इसके बाद भगवान विष्णु और अनंत सूत्र की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद अनंत सूत्र को बाजू में बांधना चाहिए। माना जाता है कि इस सूत्र को धारण करने से संकटों का नाश होता है।


