नवगछिया : धनतेरस दो नवंबर को है। इस बार धनतेरस हस्त नक्षत्र में मनाया जाएगा। इस दिन सोना-चांदी, बर्तन, झाडू आदि खरीदने की प्रथा है। मान्यता है कि धनतेरस पर वस्तु की खरीदारी से उसमें 13 गुना वृद्धि होती है।
जगन्नाथ मंदिर के ज्योतिश्चार्य दयानंद पाण्डेय ने बताया कि दो नवंबर को त्रयोदशी तिथि सुबह 8: 46 बजे प्रवेश कर जाएगी जो अगले दिन सुबह 7:25 तक रहेगी। इस बार हस्त नक्षत्र में धनतेरस मनाया जाएगा। शाम के 6:12 बजे से आठ बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है जबकि प्रदोष काल शाम 6:12 बजे से 8:08 बजे तक है।
धनतेरस पर चांदी खरीदने की भी है प्रथा

शीतला मंदिर के पंडित श्रीराम पाठक ने बताया कि धन्वंतरि जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। भगवान धन्वंतरि चूंकि कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है। इस अवसर पर लोग धनिया के बीज खरीद कर भी घर में रखते हैं। दीपावली के बाद इन बीजों को लोग अपने बाग-बगीचों में या खेतों में बोते हैं। इसके साथ धनतेरस के दिन चांदी के बर्तन खरीदते हैं। इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि यह चन्द्रमा का प्रतीक है जो शीतलता प्रदान करता है और मन में संतोष रूपी धन का वास होता है। उन्होंने बताया कि शास्त्र में संतोष को सबसे बड़ा धन कहा गया है। जिसके पास संतोष है वह स्वस्थ है, सुखी है और वही सबसे बड़ा धनवान है। भगवान धन्वन्तरि जो चिकित्सा के देवता भी हैं, उनसे स्वास्थ्य और सेहत की कामना की जाती है। लोग इस दिन ही दीपावली की रात पूजा के लिए लक्ष्मी, गणेश की मूर्ति भी खरीदते हैं। इस दिन झाडू खरीदने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

घर के मुख्य द्वार के अनुसार करें खरीदारी
पंडित सुभाष पाण्डेय ने बताया कि आपका घर और उसका मुख्य द्वार जिस दिशा में है उसी के अनुसार खरीदारी की कोशिश करनी चाहिए। अगर आपका घर आग्नेय है तो आपको धनतेरस के दिन चांदी का सामान जरूर खरीदना चाहिए। घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में है तो आपको सोना या तांबा, नैऋक्त कोण यानी दक्षिण-पश्चिम की तरफ है तो आपको चांदी या तांबे से बना वस्तु खरीदना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के घर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा की तरफ है उनके लिए इस दिन कांसा, जस्ता या पीतल तो जिसका मुख्य द्वारा ईशान कोण में है तो उन्हें सोना या पीतल ही खरीदना चाहिए। इसके अलावा आपके घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में है तो आपको विशेष रूप से तांबा और पीतल लेना चाहिए

