नवगछिया : संजीव चौरसिया, राज्य में जानलेवा सड़कों में नवगछिया से गुजरने वाली एनएच-31 भी शामिल है। पिछले साल राज्यभर में हुई सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े से यह बात सामने आई है। पुलिस मुख्यालय से ट्रैफिक आईजी एमआर नायक ने भागलपुर सहित सभी जिलों को पत्र लिखा है। इसमें बताया है कि पिछले साल हुई कुल सड़क दुर्घटनाओं में 55 प्रतिशत दुर्घटनाएं सिर्फ पांच नेशनल हाईवे पर घटित हुई हैं। उन नेशनल हाईवे में एनएच-31, एनएच-28, एनएच-30, एनएच-57 और एनएच-2 शामिल हैं। उन्होंने इन एनएच के किनारे के थानों से हाइवे पेट्रोलिंग को सख्त कराने का निर्देश दिया है।
नवगछिया में एनएच 31 पर ही सर्वाधिक दुर्घटनाएं
नवगछिया पुलिस जिले में सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं एनएच-31 पर ही घटित होती हैं। नवगछिया से लेकर खरीक, बिहपुर, नारायणपुर तक दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं। इनमें नवगछिया जीरोमाइल और नारायणपुर ब्लैक स्पॉट है। एनएच-31 पर सड़क दुर्घटनाएं ज्यादा होने की वजह से एनएच-31 पर सोलर लाइट सिग्नल भी लगाये गये हैं। इसके अलावा नवगछिया में अन्य ब्लैक स्पॉट की बात की जाये तो तेतरी जीरोमाइल, विक्रमशिला पहुंच पथ, रंगरा, 14 नंबर रोड आदि शामिल हैं। रेंज डीआईजी सुजीत कुमार ने कहा कि रेंज के तीनों ही जिलों में ब्लैक स्पॉट चिह्नित किये गये हैं और वहां दुर्घटनाओं में कमी लाने को लेकर पहल भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसमें कई विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, जिनमें पुलिस के अलावा परिवहन, रोड कंस्ट्रक्शन विभाग भी शामिल है।

बिहार में इन जगहों से गुजरती हैं ये पांचों एनएच
राज्यभर में जिन पांच एनएच को सर्वाधिक जानलेवा बताया गया है, उनकी बात की जाये तो एनएच 31 छपरा, हाजीपुर, पटना, बख्तियारपुर, मोकामा, (बाढ़), बेगूसराय, खगड़िया, बिहपुर, नवगछिया, कटिहार और पूर्णिया से होकर गुजरती है। एनएच 28 की बात करें तो यह राज्य में बेगूसराय, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज से होकर गुजरती है। बरौनी यह एनएच-28 से जुड़ता है। एनएच-30 की बात करें तो यह पटना और बख्तियार से होकर गुजरता है। एनएच-57 मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सुपौल, नरहिया, नरपतगंज, फारबिसगंज, अररिया, झंझारपुर और पूर्णिया से होकर गुजरती है। एनएच दो मोहनिया, जहानाबाद, सासाराम, देहरी, औरंगाबाद, मिदनापुर, दोभी और बाराचट्टी से होकर गुजरता है।

