नवगछिया। कोरोना के तीसरी लहर को देंखते हुए सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 21 जनवरी तक सभी कोचिंग संस्थान बंद रखने के सरकारी आदेश के बाद भी नवगछिया अनुमंडल के सभी प्रखंड क्षेत्रों में कोंचिंग संस्थान खुले हुए हैं। जबकि प्रतिदिन अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न जगहों से संक्रमित मरीजों के मिलने की सूचना मिल रही है। फिर भी लोग सतर्क नही हो रहे। वही शिक्षा को व्यवसाय बना चुके कोचिंग संचालक बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करने पर आतुर हैं।
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शायद यही वजह है कि बच्चे इस कड़ाके की ठंड और कोरोना की लहर में भी बगैर मास्क के छह बजे सुबह से ही कोचिंग में पहुंचना शुरू कर देते हैं। वही स्थानीय प्रशासन के द्वारा नजरअंदाज करने से बच्चों का भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसी स्थिति में कोरोना प्रोटोकॉल और सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए कोचिंग संचालक अपने-अपने कोचिंग का संचालन करने में मशगूल है।
नवगछिया शहर सहित क्षेत्र के हर जगहों पर कोचिंग संस्थान चालू है। भारी संख्या में बच्चे बच्चियां बिना मास्क के कोचिंग पढ़ने जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार व स्वास्थ्य विभाग ने 21 जनवरी तक संस्थान को बंद करने का आदेश जिलाधिकारी को दिया है। बावजूद इसके शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कोचिंग का संचालन हो रहा है और प्रशासन खामोश नजर आ रहा है।

