विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा शनिवार को है। पूजा समिति की ओर से पूजन की सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। हालांकि कोरोना के कारण इस बार पूजा साधारण तरीके से होगी। मूर्तिकारों के यहां से देर शाम तक प्रतिमा पूजन स्थल पर पहुंच चुका था। युवा रातभर सजावट को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।

पूजन का शुभ मुहूर्त प्रात: काल सात बजे से शुरू होकर दोपहर 12:30 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त 11:25 से 12:25 तक है। इसमें विद्यारंभ करने का शुभ मुहूर्त है। उन्होंने बताया कि इस दिन भगवान शिव की तिलक महोत्सव भी होता है।

मां सरस्वती को लगेगा खिचड़ी का भोग

मां सरस्वती की पूजा कई जगहों पर होगी। कुछ लोग घर में प्रतिमा स्थापित करके पूजा कर रहे हैं तो कई गली-मोहल्लों में। शैक्षिणक संस्थानों में भी शांतिपूर्ण तरीके से पूजा होगी। सिकंदरपुर पानी टंकी पान हाट के पास मां की प्रतिमा स्थापित हो रही है। साहिल कुमार व गुलशन कुमार ने बताया कि मां को खिचड़ी का भोग लगाया जायेगा।

श्रीपंचमी भी कहा जाता है बसंत पंचमी को

जगन्नाथ मंदिर के पंडित अजीत पाण्डेय ने बताया कि बसंत पंचमी को श्रीपंचमी भी कहा जाता है। आज ही के दिन भवन शिव का तिल्लोउत्सब होता है जो घाट ठाकूरबारी से गौशाला तक आयोजन होता है यह मां सरस्वती की पूजा का दिन है। शिक्षा प्रारंभ करने या किसी नई कला की शुरूआत करने के लिए यह दिन शुभ माना जाता है। इस दिन कई लोग गृह प्रवेश भी करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन कामदेव अपनी पत्नी रति के साथ पृथ्वी पर आते हैं। इसलिए जो पति-पत्नी इस दिन भगवान कामदेव और देवी रति की पूजा करते हैं तो उनके वैवाहिक जीवन में कभी अड़चनें नहीं आती हैं। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, ज्ञान देवी मां सरस्वती शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही ब्रह्माजी के मुख से प्रकट हुई थीं। इसलिए बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है।यह मां सरस्वती की पूजा का दिन है। शिक्षा प्रारंभ करने या किसी नई कला की शुरूआत करने के लिए यह दिन शुभ माना जाता है। इस दिन कई लोग गृह प्रवेश भी करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन कामदेव अपनी पत्नी रति के साथ पृथ्वी पर आते हैं। इसलिए जो पति-पत्नी इस दिन भगवान कामदेव और देवी रति की पूजा करते हैं तो उनके वैवाहिक जीवन में कभी अड़चनें नहीं आती हैं। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, ज्ञान देवी मां सरस्वती शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही ब्रह्माजी के मुख से प्रकट हुई थीं। इसलिए बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है।

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By न्यूज़ डेस्क

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