पंचायतों में सोलर लाइट लगाकर, कमाई करने की मंशा पाले पंचायत जनप्रतिनिधियों के लिए सरकार ने चेतावनी जारी कर दी है। पंचायती राज विभाग ने साफ निर्देश जारी किया है कि सोलर लाइट लगवाने काम केवल ब्रेडा ( बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) करेगी। इसे लेकर विभाग ने जिलाधिकारियों को निर्देश से जुड़ा पत्र भेज दिया।
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पंचायत जनप्रतिनिधियों ने लगवाया तो भुगतना होगा अंजाम
15 अप्रैल से बिहार की पंचायतों में मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना का काम शुरू होना है। सात निश्चय-2 के तहत प्रत्येक वार्ड में 10-10 स्ट्रीट लाइट लगाई जााएगी। इस योजना पर सरकार 2000 करोड़ से अधिक की राशि खर्च करने जा रही है। इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद करेंगे। अब इसे लेकर पंचायती राज विभाग ने जिलाधिकारियों को एक पत्र भेजा है। इसके मुताबिक सरकार के निर्देश के उलट जो जनप्रतिनिधि पंचायत में खुद से सोलर लाइट लगाने की कोशिश करेंगे उन पर सख्त कार्रवाई होगी। असल में सरकार ने ये काम ब्रेडा यानी बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी को दिया है। लेकिन, कई पंचायतों से ये खबर आ रही थी कि कुछ जनप्रतिनिधि पंचायत की राशि से इसे लगवाने की कोशिशों में लगे हैं। जिसे लेकर पंचायती राज विभाग ने अपनी तरफ से सख्त निर्देश जारी कर दिया।
वार्ड में लगनेवाली स्ट्रीट लाइट्स होंगी हाई टेक
विभाग के मुताबिक वार्ड में लगनेवाली स्ट्रीट लाइटें हाईटेक होंगी। ये लाइटें 72 घंटे तक भी चार्ज नहीं हुई तब भी रोशनी देंगी यानी 3 दिन तक इन्हें सूर्य की रोशनी नहीं भी मिली तब भी ये जलेंगी। इन लाइटों में सेंसर लगा होगा। जिससे शाम होते ही यह ऑन हो जाएंगी और सुबह की रोशनी मिलते ही लाइट बंद हो जाएगी। सरकार की योजना के मुताबिक इसी वित्तीय वर्ष में बिहार के सभी गांव में सोलर स्ट्रीट लाइट लगा दी जाएंगी।

