भागलपुर। कचहरी परिसर स्थित हजरत घुरन शाह रहमतुल्लाह अलैह का 335वां सालाना उर्स-ए-पाक शुक्रवार से शुरू हो रहा है। उर्स को लेकर दरगाह परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है।
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उर्स के दौरान दरगाह शरीफ पर चादरपोशी, कुरानखानी और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, भागलपुर के अलावा बिहार के विभिन्न जिलों तथा दूसरे राज्यों से भी अकीदतमंद उर्स में शामिल होने पहुंचते हैं।
चादरपोशी और कव्वाली का होगा आयोजन
उर्स के दौरान दरगाह शरीफ पर चादरपोशी की जाएगी। इसके बाद शाम में कव्वाली का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इससे पहले कुरानखानी और मिलादुन्नबी जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

दरगाह के खादिमों के अनुसार, उर्स में आने वाले अकीदतमंद दरगाह पर जियारत करते हैं और अमन-चैन, भाईचारे तथा देश-दुनिया की खुशहाली के लिए दुआ करते हैं।
खानकाह-ए-शहबाजिया में भी जश्न
इसी क्रम में भागलपुर के मौलानाचक स्थित खानकाह-ए-शहबाजिया में भी जश्न-ए-गौस-ए-आजम कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। असर की नमाज के बाद शाहजहानी मस्जिद में अकीदतमंदों को पवित्र तबररूकात की जियारत कराई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और अमन-चैन व भाईचारे की दुआ की।
रात में आयोजित कॉन्फ्रेंस में उलेमा ने हजरत गौस-ए-आजम के जीवन और उनके संदेशों पर प्रकाश डाला। बिहार, बंगाल, झारखंड और मुंबई समेत विभिन्न क्षेत्रों से अकीदतमंदों के पहुंचने की जानकारी दी गई है।
उर्स और धार्मिक आयोजनों को लेकर दरगाह तथा खानकाह परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजकों की ओर से अकीदतमंदों से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई है।
