नवगछिया। : सैदपुर दुर्गा मन्दिर में, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम श्री हरि कथा के चौथे दिन साध्वी अमृता भारती ने मीराबाई की जीवन गाथा का वर्णन करते हुए कहा कि मीराबाई आंसू और आग का संगम थीं। उन्होंने न केवल भक्ति की पराकाष्ठा को छुआ।
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समाज ने मीराबाई जी का अनेकों प्रकार से विरोध किया, लेकिन परवाह किए बगैर आगे बढ़ती रही, जिस काल में मीराबाई जी ने समाज के प्रांगण में कदम रखा उस समय नारियां खुली हवा में सांस भी नहीं ले पाती थीं। स्त्रियां चारदीवारी के भीतर लोक लज्जा के घुंघट में घुटने को विवश थी।
मीराबाई ने नारी की इस मूक दर्द को वाणी दी, सामाजिक दुर्व्यवहार के विरुद्ध बुलंद आवाज उठाई। स्वामी यादवेंद्रानंद ने कहा कि मीरा के प्रेम के कारण भगवान श्रीकृष्ण प्रकट होकर दर्शन देते और बातें करते थे।

