नारायणपुर। जेपी कॉलेज, नारायणपुर में शनिवार को टीएमबीयू की तीन सदस्यीय जांच टीम ने पूर्व प्राचार्य प्रो. डॉ. इमरान खान से जुड़े मामले की जांच की। जांच के दौरान टीम ने कॉलेज के शिक्षकों, कर्मियों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं से घटना के संबंध में जानकारी ली। टीम ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं से घटना से संबंधित वीडियो भी उपलब्ध कराने को कहा।
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जांच टीम में प्रो. रंजना, प्रो. अनिल तिवारी और डॉ. अमित कुमार अकेला शामिल थे। टीम ने कॉलेज पहुंचकर पूरे मामले से जुड़े विभिन्न पक्षों से बातचीत की और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। हालांकि जांच पूरी करने के बाद टीम के सदस्यों ने मामले में किसी तरह की जानकारी देने से इनकार कर दिया।
बताया जाता है कि एक जुलाई को पूर्व प्राचार्य डॉ. इमरान खान के देर से कॉलेज पहुंचने पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट पर उन्हें रोककर नारेबाजी की थी। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पूर्व प्राचार्य महीने में महज दो-तीन दिन ही कॉलेज आते हैं। इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत करने की बात कहे जाने पर पूर्व प्राचार्य की ओर से कथित तौर पर कहा गया था कि “वीसी मेरा क्या कर लेगा।”

मामले की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूर्व प्राचार्य से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा था। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने के बाद चार जुलाई को भी विश्वविद्यालय की तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए जेपी कॉलेज पहुंची थी। हालांकि उस दिन भी पूर्व प्राचार्य कॉलेज में अनुपस्थित मिले थे।
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नौ जुलाई को प्रभारी कुलपति के आदेश से डॉ. इमरान खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय एमएएम कॉलेज, नवगछिया निर्धारित किया गया है।
अब शनिवार को पहुंची तीन सदस्यीय जांच टीम ने मामले से जुड़े सभी पक्षों से जानकारी जुटाई है। टीम द्वारा एबीवीपी कार्यकर्ताओं से वीडियो साक्ष्य मांगे जाने के बाद जांच के निष्कर्ष को लेकर भी कॉलेज कर्मियों और छात्रों के बीच चर्चा तेज हो गई है। विश्वविद्यालय की जांच रिपोर्ट के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
