नवगछिया : रंगरा प्रखंड के तिनटंगा दियारा उत्तर पंचायत के ज्ञानी दास टोला में कटाव बदस्तूर जारी है। कटाव रोकने के लिए इस वर्ष जल संसाधन विभाग ने 600 मीटर के दायरे में 15 करोड़ से बोल्डर पिचिंग का काम कराया था। लेकिन अब बोल्डर पिचिंग के दोनों ओर डाउन स्ट्रीम में लगभग 500 मीटर के दायरे में गंगा कटाव करने लगी है।
हालांकि, जल संसाधन विभाग ने फिर से कटाव निरोधी कार्य शुरू किया है। बंबू रोल एवं जिओ बैग गिराए जा रहे हैं। बारिश और धूप से ज्ञानी दास टोला के कटाव पीड़ितों की हालत दयनीय है। अब तक इलाके के 400 घर गंगा की धारा में बह चुके हैं। वहीं, स्थानीय किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन नदी की धारा में विलीन हो चुकी है। उधर, कटाव पीड़ित दिनेश महतो, रंजीत महतो, महेंद्र महतो, कुन्ती देवी, माला देवी- आदि ने बताया कि हमलोग भूखे प्यासे पन्नी के सहारे परिवार के साथ जीवन बिता रहे हैं। लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई सार्थक कदम नहीं उठाए गए हैं।
तिनटंगा दियारा उत्तरी व दक्षिणी दो पंचायतों का इलाका है। लगभग 50,000 की आबादी वाला यह इलाका तीन दशक पूर्व तक नवगछिया के मानचित्र पर अपराध के लिए चर्चित था। जो सड़क, बिजली, पानी एवं शिक्षा से कोसों दूर था। यहां तक पहुंचने के लिए एकमात्र पगडंडी ही सहारा थी । समय और परिस्थितियों ने करवट ली। आज इस दो पंचायतों वाले तिनटंगा दियारा में सड़क, बिजली, पानी और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध हैं। मक्के की खेती की जाती है। बड़े पैमाने पर लोगों ने पशुपालन का कार्य अपनाया और यहां दूध की नदियां बहने लगी।

रंगरा के अंचल अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि कटाव से विस्थापित परिवारों को चिन्हित कर इसकी सूची पूर्व में ही जिला पदाधिकारी को भेज दी गई है। ऐसे परिवारों के पुनर्वास के लिए सरकार प्रयास कर रही है। जल्द ही कटाव से विस्थापित परिवारों को जमीन चिन्हित कर आवंटित कर दी जाएगी।

