नवगछिया : तीन स्थानों पर कुल पांच गरुड़ों की मौत हो गई। इन मृत गरुड़ों का पोस्टमार्टम हुआ तो रिपोर्ट चौकाऊं मिला। रिपोर्ट की मानें तो पांचों गरुड़ों के पेट में जहर खाकर मरे चूहा से लेकर जहर खाने से उत्पन्न होने वाले लक्षण मिले। मृत गरुड़ों के अंगों को प्रिजर्व करते हुए कन्फर्म जांच के लिए एफएसएल भेजे जाने की तैयारी में वन विभाग लग गया है।
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गौरतलब हो कि बीते दिन नवगछिया क्षेत्र के खरनई नदी में मछली का शिकार करने गये तीन गरुड़ में से दो गरुड़ मौके पर ही मृत मिले थे, जबकि तीसरे की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं नवगछिया क्षेत्र के लक्षमिनिया में भी एक गरुड़ मृत मिला था। इसके अलावा प्रतापनगर कदवा में दो गरुड़ बेहोश मिले थे, जिन्हें इलाज के लिए सुंदरवन लाया गया था, जहां एक की मौत हो गई थी। मौत के बाद इन पांचों गरुड़ों का पोस्टमार्टम गुरुवार को सुंदरवन में डॉ. संजीत कुमार गुप्ता द्वारा किया गया था।
बकौल डॉ. संजीत, पांचों गरुड़ों के लीवर डिसकलर व हैमरेज होना पाया गया था। जबकि दो गरुड़ों के पेट में चूहा मिला था, जिसकी मौत जहर खाने से हुई थी। पांचों गरुड़ों के गिजर्ड, आंत व लीवर में मिले लक्षण ये आशंका जाहिर करते हैं कि गरुड़ जहर खाने से मृत मछली या फिर चूहा खाने से मरे हैं। हालांकि पांचों के गिजर्ड, आंत व लीवर को सुरक्षित रख लिया गया है, जिसे एफएसएल जांच के लिए भेजा जाना है।

कोट
गरुड़ की मौत जहर से हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए एफएसएल में मृत गरुड़ों के अंग जांच के लिए भेजा जाएगा। साथ ही लोगों से अपील है कि जहर खाकर मरे चूहों को सार्वजनिक स्थलों पर न फेंकें। इसे खाकर गरुड़ की मौत हो सकती है।
-श्वेता कुमारी, डीएफओ भागलपुर
