बारिश ने बिगाड़ी बरारी बियाडा घाट की सूरत, कीचड़ और गड्ढों के बीच जहाज पकड़ने को मजबूर यात्री
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भागलपुर। चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण हुई बारिश ने बरारी बियाडा घाट की व्यवस्था की पोल खोल दी है। घाट तक पहुंचने वाली सड़क से लेकर यात्रियों के बैठने के लिए बनाए गए पंडाल और जहाज पर चढ़ने के लिए तैयार की गई जेटी तक की स्थिति बदहाल हो गई है। कहीं कीचड़ जमा है तो कहीं रास्ते में गड्ढे और उबड़-खाबड़ सतह यात्रियों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। ऐसे में जहाज पकड़ने के लिए यात्रियों को हर कदम संभलकर रखना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बरारी श्मशान घाट की ओर से बियाडा घाट तक जाने वाले रास्ते पर जगह-जगह कीचड़ जमा है। स्थिति ऐसी है कि यात्री सड़क किनारे लगे बांस का सहारा लेकर घाट तक पहुंचने को मजबूर हैं। जहाज छूटने की हड़बड़ी में वाहन से उतरकर दौड़ लगाने वाले यात्रियों के फिसलकर गिरने का खतरा बना रहता है। बारिश के बाद रास्ते की स्थिति और खराब हो गई है।

घटते जलस्तर के बीच ईंट-पत्थर और मिट्टी डालकर बनाई जा रही जेटी
गंगा का जलस्तर लगातार घटने के कारण जहाज को किनारे लगाने में भी परेशानी हो रही है। यात्रियों के जहाज पर चढ़ने और उतरने की सुविधा बनाए रखने के लिए जेटी का दायरा बढ़ाया जा रहा है। स्थिति यह है कि बियाडा घाट से गंगा के बीच तक ईंट, पत्थर और मिट्टी डालकर पहुंच पथ तैयार किया जा रहा है। शनिवार को जेटी नंबर-दो पर पोकलेन मशीन से ईंट-पत्थर और मिट्टी डालकर रास्ता बनाते देखा गया। जलस्तर में इसी तरह गिरावट जारी रही तो गंगा के बीच तक पहुंच पथ जैसा नजारा दिखाई देने लगेगा।
बारिश के बाद नहीं हुई रास्ते की मरम्मत
घाट पर आने वाले यात्री मुकेश कुमार, दीपक और विवेक ने बताया कि जिला प्रशासन घाट पर बेहतर व्यवस्था होने का दावा करता है, लेकिन बारिश के बाद से रास्ते की मरम्मत नहीं कराई गई है। यात्रियों को हर समय फिसलकर गिरने का डर बना रहता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बुजुर्गों के लिए इस रास्ते से गुजरना और भी मुश्किल हो गया है।
कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि घाट की बदहाल स्थिति का फोटो या वीडियो बनाने पर माइकिंग कर उन्हें कार्रवाई की धमकी दी जाती है। यात्रियों का कहना है कि प्रशासन को व्यवस्था की कमियों को सामने लाने के बजाय घाट की सड़क, पंडाल और जेटी की स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि जहाज से सफर करने वाले लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन मिल सके।
