सैंडिस कंपाउंड में भोजपुरी कार्यक्रम के दौरान भारी बवाल, डिंपल सिंह और रौशन रोही पर फेंके जूते-चप्पल
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भागलपुर। शहर के सैंडिस कंपाउंड में शनिवार शाम आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हुआ। भोजपुरी कलाकार डिंपल सिंह और मगही स्टार रौशन रोही की प्रस्तुति के दौरान भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। आक्रोशित दर्शकों ने कलाकारों की ओर पत्थर और जूते-चप्पल फेंकने शुरू कर दिए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। अफरा-तफरी में कई लोग चोटिल हो गए, जबकि दर्जनों कुर्सियां टूट गईं और लाइट के बल्ब भी क्षतिग्रस्त हो गए। हालात को देखते हुए दोनों कलाकारों को अपना कार्यक्रम बीच में ही रद्द करना पड़ा।
बताया जाता है कि कार्यक्रम में दोनों कलाकारों को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कलाकारों की प्रस्तुति शुरू होने से पहले मंच से काफी देर तक भाषणबाजी होती रही। इससे दर्शकों में नाराजगी बढ़ने लगी। जैसे ही कलाकार मंच पर पहुंचे, उन्हें नजदीक से देखने और सुनने के लिए लोग मंच की ओर बढ़ने लगे। देखते ही देखते भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी।

मंच से कलाकारों ने दर्शकों से शांत रहने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन इसका खास असर नहीं हुआ। कुछ लोगों ने मंच की ओर पत्थर और जूते-चप्पल फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान लोग इधर-उधर भागने लगे। गिरने और भागने के दौरान कई लोगों को चोटें आईं।
भीड़ के आक्रोश को देखते हुए बाउंसरों ने डिंपल सिंह और रौशन रोही को सुरक्षित बाहर निकाला और होटल पहुंचाया। इस बीच सदर एसडीएम विकास कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति संभालते हुए मैदान से भीड़ को बाहर कराया और संभावित खतरे को देखते हुए कार्यक्रम बंद करा दिया। इसके बाद मंच की लाइट और साउंड सिस्टम भी बंद करा दिए गए।
बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने पर संचालकों पर होगी कार्रवाई
मामले को लेकर भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजकों ने प्रशासन से अनुमति नहीं ली थी। इस कारण भीड़ के अनुपात में पुलिस बल की तैनाती नहीं हो सकी। सदर एसडीओ विकास कुमार ने बताया कि नियमानुसार कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पहले आवेदन देकर अनुमति लेना आवश्यक था, ताकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की जा सके। आयोजकों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
तिलकामांझी थानाध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि कुछ लोग कलाकारों पर जूते-चप्पल फेंक रहे थे। कलाकारों को सुरक्षित निकालने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। घटना के बाद नजदीकी थाने के साथ पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त जवानों को बुलाया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद रात नौ बजे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आई।
