नवगछिया : रंगरा प्रखंड में वर्ष 2016 में आई बाढ़ के दौरान बाढ़ राहत सामग्री की खरीददारी के लिए अंचल से निर्गत चैक के माध्यम से 20 लाख रूपये के हुए गबन ममले में रंगरा पुलिस ने अंचल नाजीर सदानंद तांती को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. पुलिस ने बताया की अंचल नाजीर गबन ममले का अप्राथमिकी अभियुक्त है. 20 लाख के हुए गबन में अंचल नाजीर की संलिप्ता होने के पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया. मालूम हो कि वर्ष 2016 में प्रखंड क्षेत्र में आई बाढ़ के दौरान बाढ़ राहत सामग्री के वितरण के लिए नवगछिया के किराना कारोबारी अमीत जयसवाल से चुरा एवं सक्कर की खरीद की गई थी.

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अंचल द्वारा खरीद की गई राहत सामग्री के कुल कमीत एक लाख 84 हजार रुपये का चैक निर्गत किया गया था. उक्त चैक अंचल नाजीर सदानंद तांती ने ही निर्गत किया था. अंचाल कार्यालय द्वारा निर्गत चैक में चलाकी से एक के आगे दो को जोड़ कर फर्जी तरिके से 21 लाख 84 हजार की निकासी किराना कारोबारी द्वारा कर ली गई थी. मामले का उजागर तब हुआ जब भागलपुर में हुए सृजन घोटाले के बाद डीएम भागलपुर ने सभी प्रखंड के अंचल एवं प्रखंड कार्यालय के खातों के स्टेटस की जांच करने का निर्देश दिया.

खाता के स्टेटस की जांच के दौरान रंगरा में बाढ़ राहत की राशि के गबन का मामला पदाधिकारियों के सामने आया. पदाधिकारयों के संज्ञान में आने के बाद तत्कालीन सीओ तरुन कुमार केसरी ने रंगरा ओपी में गबन के मामले में थाना कांड संख्या 214/17 दर्ज कराया था. मामले में उन्होंने नवगछिया के किराना कारोबारी अमीत जयसवाल को नामजद आरोपी बनाया था. बाद में गबन के मामले में पुलिस अनुसंधान के क्रम में अंचल नाजीर सदानंद तांती की भी संलिप्ता पाई गई. वहीं बताया जा रहा है बाढ़ राहत राशि के गबन ममाले में अचंल के पदाधिकारी एवं बैंक कर्मी के संलिप्तता होने की आशंका जताई जा रही है.

By Rishav Mishra Krishna

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