नवगछिया : लगभग दस वर्षों से अपराध की दुनियां में सक्रिय राजकिशोर राय उर्फ बिलरिया उर्फ झोटहना एक चर्चित नाम है. सिर्फ पैसों के लिए काम करने वाला बिलरिया किसी भी गिरोह में मिल सकता है और किसी भी तरह के आपराधिक वारदात को अंजाम दे सकता है. 2016 के बीस अगस्त को हुए विनोद यादव हत्याकांड के बाद से ही राजकिशोर राय उर्फ बिलरिया फरार चल रहा था. फरारी रहते हुए ही उसका नाम 16 अगस्त 2017 को हुए भाजपा नेता पुलकित सिंहके भाई दरोगी सिंह हत्याकांड में भी आया है. लेकिन क्राइम कर नवगछिया से भाग जाने के कारण वह पुलिस के हत्थे चढ़ने से बच जाता था.
चर्चित हत्याकांडों में आरोपी रहा है इनामी अपराधी बिलरिया
– कोई गिरोह नहीं, बस पैसों के लिए काम करता है बिलरिया
– विनोद यादव हत्याकांड, दरोगी सिंह हत्याकांड, प्रमोद राय हत्याकांड
सहित कई जघन्य मामलों में आरोपी है बिलरिया
दो वर्षों से बिलरिया पुलिस के टॉप टारगेट पर था और वह नवगछिया पुलिस का इनामी अपराधीथा. पुलिस के उसके उपर पचास हजार का इनाम घोषित किया है. नवगछिया पुलिस जिले के अलावा उसने बिहार के अन्य जिलों में भी अपराधिक वारदात को अंजाम दिया है. जबकि झंडापुर ओपी क्षेत्र में हुए मड़वा निवासी अधिवक्ता प्रमोद राय हत्याकांड में भी बिलरिया का नाम सामने आया था. पुलिस ने बल बिलरिया को गिरफ्तार किया था.


लेकिन इस हत्याकांड में जेल से बाहर निकलते ही बिलरिया ने फिर से एक के बाद एक घटना को अंजाम दिया. जिसमें विनोद यादव हत्याकांड और दरोगी सिंह हत्याकांड उसके चर्चित वारदातों में गिने जाते हैं.

नवगछिया पुलिस जिले के विभिन्न थानों में बिलरिया के विरूद्ध लूट, रंगदारी, हत्या, हत्या के प्रयास जैसे जघन्य वारदातों के 15 से भी अधिक मामले दर्ज होने की बात कही जा रही है. इन दिनों पुलिस की अत्यधिक दबिश होने के कारण बिलरिया नवगछिया से बाहर ही रह रहा था. नवगछिया केथानाध्यक्ष इंसपेक्टर लालबहादुर सिंह ने कहा कि बिलरिया का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है.

