कुंडली में मंगल और बुध की युति
जब किसी जन्म कुंडली में मंगल और बुध का युति किसी भी भाव अथवा खास कर द्वितीय भाव में बनता है तो जातक को पागल बन सकता है या उसके चेहरे पर हमेशा झुरिया बनी रहती है इस योग से खून और नस से संम्बंधित बीमारियों से इंसान धिरा रहता है इंसान ज्यादा कटु वचन को बोलता है हमेशा उसके दिमाग में कुछ ना कुछ चलते रहता है

देखने योग बाते :
१) बुध और मगल में अंशमान १० से २० डिग्री हो तब ये योग जयादा कारगर होता है
२) बुध या मंगल अस्त ना हो तब ये योग जयादा कारगर होता है
उपाय – ताम्बे के लोटे/लाल कपड़ा में साबुत मुंग भर कर उसके ताम्बे का दक्कन लगा कर किस वीरान जमींन में दबा दे या बहते पानी में प्रवाहित कर दे नौ दिन लगातार ये काम करे


