नवगछिया : ज्योतिष में कुल नौ ग्रह बताए गए हैं। ये 9 ग्रह कुंडली के 12 भावों में अपनी स्थितियों के अनुसार फल देते हैं। इनके अनुसार ही कुंडली में दोष व उनका निवारण भी बताया गया है। इन्ही में से एक दोष में से एक है कालसर्प दोष।
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अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में 9 में से 7 ग्रह राहु-केतु के बीच में आ जाते हैं तो कालसर्प दोष बनता है और ऐसा माना जाता है कि कालसर्प दोष के व्यक्ति को जीवन में सफलता नहीं मिल पाती है। परेशानियां बनी रहती हैं और पारिवारिक सुख भी नहीं मिल पाता है। अगर आप पर भी काल सर्प का दोष है तो नाग पंचमी पर इन आसान तरीकों से इससे छुटकारा पाया जा सकता है।

इन बातों से जाने की कहीं आप पर भी तो नहीं काल सर्प दोष
– कालसर्प योग से प्रभावित व्यक्ति को बुरे सपने आने लगते हैं।
– अकारण ही मन में डर बना रहता है।
– रात में डर के कारण बार-बार नींद खुल जाती है।
– सपने में बार-बार सांप दिखाई देता है।
– हमेशा ऐसा अहसास रहता है कि कोई आपके पास खड़ा है।
– कड़ी मेहनत के बाद अंतिम पड़ाव पर काम ना होना।
– घर-परिवार और कार्य स्थल पर अनचाहे वाद-विवाद होते रहते हैं।शत्रुओं की संख्या बढ़ जाती है।
– किसी गंभीर बीमार का इलाज होने पर भी फायदा नहीं होता है।
कालसर्प दोष निवारण के उपाय
– (अचूक ऊपर) एक काशा का कटोरी ले उसमे सुज्जि और दूध से घी मिलाकर हलवा बना ले उसके ऊपर से घी पूरी तरह लबालब कर दे ताकी हलवा पूरी तरह ढक जाये उसमे चांदी के नाग नागिन का एक जोड़ा डाल कर किसी मंदिर या किसी पवित्र नदी में हलवा को प्रवाहित कर दे (साल में १ बार )।
– इस दिन पीपल को जल चढ़ाएं और पीपल की सात परिक्रमा करें।
– गरीबों को काले कंबल का दान करें।
– उज्जैन या नासिक में कालसर्प दोष की पूजा करवाएं।