नवगछिया : नवगछिया न्यायालय कांड में घटना के दूसरे दिन ही दो लोगों की गिरफ्तारी होने के बाद अब तक पुलिस यथास्थिति पर है. न तो किसी तरह की प्रमाणिक कहानी सामने आ रही है और न ही पुलिस इस मामले में अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी में सफल हो पायी है. इस बीच सूचना है कि पुलिस ने इस कांड के अनुसंधानक को बदल दिया है. अब इस मामले में अनुसंधान खुद नवगछिया के इंस्पेक्टर सत्येंद्र प्रसाद सिंह संभालेंगे.
मालूम हो कि घटना के तुरंत बाद इस कांड के अनुसंधानक दारोगा रामाकांत राय को बनाया गया था. जानकारी मिली है कि कांड में आशातीत प्रगति नहीं होने के कारण रामाकांत राय से मामले को वापस ले कर केस नवगछिया इंस्पेक्टर को दिया गया. नवगछिया के इंस्पेक्टर स्त्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि द्रुत गति से अनुसंधान करना और अपराधियों को गिरफ्तार करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी.

पुलिस इस मामले के तह तक पहुंच गयी है जल्द से जल्द मामले का निष्पादन कर लिया जायेगा. मालूम हो कि अब तक इस मामले में 17 जून को घटना होने के बाद 18 जून को पुलिस ने गोपालपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर निवासी मिथिलेश कुमार गौतम और नवगछिया के कचहरी निवासी मंटू साह को जेल भेजा था. 18 जून के बाद से कांड में किसी प्रकार की प्रगति नहीं देख वरीय पुलिस पदाधिकारियों को कांड का उद्भेदन करने की जिम्मेदारी नवगछिया इंस्पेक्टर को दे दी है. इधर न्यायालय प्रशासन से नवगछिया पुलिस ने जलाये गये दस्तावेजों की सूची मांगी है. नवगछिया पुलिस ने कहा कि जलाये गये दस्तावेजों की सूची उपलब्ध हो जाने के बाद कांड के अनुसंधान को एक नई दिशा मिलेगी.
न्यायालय परिसर पर कोबरा कमांडो ने किया मार्च
नवगछिया व्यवहार न्यायालय में मंगलवार को सुरक्षा के मद्देनजर कोबरा कमांडो के जवानों द्वारा मार्च किया गया. न्यायालय की सुरक्षा के दृष्टिकरोण से पुलिस द्वारा इस तरह का मार्च करवाया गया. पुलिस पदाधिकारियों से जानकारी मिली है कि न्यायालय की सुरक्षा में अब किसी प्रकार की चूक नहीं होगी और चुस्त दुरूस्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायालय का संचालित होना सुनिश्चित करवाया जायेगा.
कहती है एसपी
नवगछिया की एसपी निधि रानी ने कहा कि कांड के अनुसंधानक को बदल दिया गया है. नवगछिया इंस्पेक्टर को कांड की जिम्मेदारी दी गयी है. पुलिस इस मामले में काफी सजग है. किसी भी अपराधी को छोड़ा नहीं जायेगा.


