लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ चुनाव आयोग में एक याचिका दाखिल हुई है। ये याचिका भाजपा के प्रदेश कार्यकारणी के सदस्य नीरज शंकर सक्सेना ने दर्ज कराई है। सक्सेना ने आरोप लगाया है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने 3 जनवरी को संवाददाता सम्मेलन करके प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। उस सूची को मायावती ने धर्म और जाति के आधार पर बांटा हैं। सक्सेना ने आरोप लगाया कि मायावती ने बसपा की एक बुकलेट जारी करते हुए कहा था कि मुसलमानों की सच्ची हितैषी बहुजन समाज पार्टी है इसलिए आने वाले चुनावों सपा की जगह हमें वोट दें।
भाजपा नेता का आरोप है कि मायावती ने सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के उस फैसले के खिलाफ बयान जारी किया है जिसमें पीठ ने कहा था कि धर्म और जाति के आधार पर वोट नहीं मांगा जा सकता। सक्सेना के अनुसार ये सारी बातें जनप्रतिनिधि अधिनियम RP एक्ट के प्रावधान 125 के तहत अपराध है। लिहाजा चुनाव आयोग मायावती के खिलाफ FIR दर्ज कराए और उनकी पार्टी की सदस्यता रद्द करें।



