नवगछिया : नवगछिया के तेतरी जीरोमाईल के पास मिले दो शवों में से एक शव की पहचान इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के छोटी परवत्ता निवासी अरविंद झा के रूप में किये जाने और ससुराल वालों को आरोपी बनाये जाने का मामला नया मोर ले रहा है. बात सामने आयी कि अरविंद झा के मोबाइल पर बात हो रही है. इस आशय की जानकारी कथित रूप से मृतक का साला तेतरी निवासी कृष्ण कुमार ने नवगछिया एसपी को लिखित रूप से दी है. कृष्ण कुमार का कहना है कि मोबाइल नंबर 8076536137 दो दिन पहले 24 अगस्त को बंद था.
– आरोपी के परिजनों ने कहा साजिश कर झूठे केस में फंसाया जा रहा है
– अरविंद के ससुराल वालों ने नवगछिया एसपी से लगायी गुहार
लेकिन रात में चालू हो गया, रात में पचास सैकेंड एवं नौ बज कर आठ मिनट पर पैंतिस सैकेंड तथाकथित रूप से मृतक अरविंद झा की तरह ही कोई बात कर रहा था. इसके बाद पुन: व्यक्ति बदल बदल कर बात की जाने लगी. कृष्ण कुमार ने कहा है कि मृतक के शव को उसकी पत्नी, ससुर, या ससुराल के अन्य लोगों को नहीं दिखाया गया और शव का अंतिम संस्कार कर लिया गया. कृष्ण कुमार ने कहा है कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के उसके पिता और बहन को जेल भेज दिया गया. यहां तक कि शव की पहचान छोटी परवत्ता के ग्रामीणों से भी नहीं करायी गयी.

कृष्ण कुमार का कहना है कि 29 जुलाई को अरविंद लापता होता है और 21 अगस्त को जीरो माइल में मिले क्षत विक्षत शव को उसके परिजन अरविंद झा के रूप में पहचान कर लेते हैं. 29 जुलाई को ही अरविंद के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी लेकिन एक बार भी पुलिस ने न तो आरोपियों से संकर्प किया और न ही मामले की छानबीन की. कृष्ण कुमार ने पूरे मामले में अपने ही चचेरे भाई तेतरी निवासी संजीव कुमार को मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इन दिनों संजीव फरार है. अगर उसके मोबाइल के लोकेशन का गहराई से अध्ययन किया जायेगा तो इस कांड के साजिशकर्ताओं के मनसूबे पर पानी फिर जायेगा.
कृष्ण कुमार ने कहा है कि शव के पहचान का आधार पूरी तरह से संदिग्ध है. शव की पहचान उसके टूटे दांत और आंख के नीचे काले निशान से की गयी है. दांत किसी भी स्थिति में टूट सकता है और जख्म पुराना नहीं है ताजा है. कृष्ण कुमार ने कहा है कि उक्त शव किसी और का है अरविंद का है ही नहीं. जबकि साजिशकर्ताओं ने अरविंद से मिली भगत कर उसे या तो कहीं छुपा दिया है या फिर हत्या कर दी है. मामले में जल्द से जल्द डीएनए टेस्ट कराने की मांग भी कृष्ण कुमार ने किया है.

बहन विकलांग है तो पिता वृद्ध हैं
कृष्ण कुमार ने कहा कि घटना के बाद उसकी बहन और पिता को जेल भेज दिया गया. उसकी बहन विकलांग है और उसके पिता पूरी तरह से वृद्ध हो चुके हैं. वास्तविक अपराधी छोटी परवत्ता गांव का ही चितरंजन कुमार है जो मृतक का भाई है जबकि इस कांड में साजिश कर्ता तेतरी निवासी संजीव है जिसने घटना के दस दिन पहले ही झूठे केस में फंसने की धमकी दी थी. कृष्ण कुमार ने नवगछिया एसपी से न्याय की गुहार लगायी है.
नवगछिया एसपी ने कहा
मामले में मृतक और उसके परिजनों का डीएनए मिलान करवाया जायेगा. मामले में छानबीन की जा रही है.


