गोपालपुर : भागलपुर जिले के सबसे पुराने प्रखंड में शुमार गोपालपुर प्रखंड इन दिनों अपनी किसमत पर आठ -आठ आँसू बहा रहा है. यह प्रखंड अधिकारियों व कर्मियों की कमी के कारण अपना अस्तित्त्व खोते जा रहा है. बीडीओ व सीओ जैसे महत्वपूर्ण पदाधिकारी के पद भी प्रभार में चल रहे हैं. सीडीपीओ, एमओ व बीएओ, प्रसार पदाधिकारी, बीसीओ, कल्याण पदाधिकारी, पशु चिकित्सा पदाधिकारी व पंचायती राज पदाधिकारी सहित सभी पद पर प्रभार में चल रहे हैं. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भी 28 फरवरी को सेवानिवृत्त होने वाली हैं.
सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से यहाँ लोग अधिकारियों को ढूँढते रह जाते हैं. नौ पंचायतों में से मात्र दो पंचायत सचिव यहाँ कार्यरत हैं. प्रखंड कार्यालय में प्रधान लिपिक, एक नाजिर व मात्र एक लिपिक कार्यरत है. अंचल कार्यालय की स्थिति और भी दयनीय है. प्रधान लिपिक भी प्रभार में है. सीआई का कार्य भी राजस्व कर्मचारी द्वारा किया जा रहा है. नाजिर लंबी बीमारी के कारण छुट्टी में हैं.
मात्र दो लिपिक के सहारे अंचल का कार्य जैसे -तैसे संपन्न हो रहा है. पदाधिकारियों व कर्मचारियों के लिये बनाये गये आवास खंडहर में तब्दील हो गये हैं. जिस कारण पदाधिकारी व कर्मचारी प्रखंड मुख्यालय के बजाय नवगछिया व भागलपुर से आते जाते हैं. आयुक्त राजेश कुमार के निरीक्षण से पुन: उम्मीद जगी है कि एक बार फिर गोपालपुर प्रखंड व अंचल कार्यालय में अधिकारियों व कर्मियों की कमी को दूर किया जायेगा. ताकि विकास की दौड में यह प्रखंड में छलांग लगायेगा.


