नवगछिया : नवगछिया के रंगरा पीएचसी में तीनटंगा भीमदास टोला की महिला गुंजा देवी 22 ने चार बच्चों को जन्म दिया है. जन्म लेते ही एक बच्चा चल बसा तो तीनों बच्चों की स्थिति नाजुक है. रंगरा पीएचसी से तीनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए जेएलएनएमसीएच रेफर कर दिया गया है. रंगरा पीएचसी के कर्मियों ने बताया कि उन लोगों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि महिला के गर्भ में चार बच्चें हैं.

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– एक की मौत, तीनों की हालत नाजुक, भागलपुर रेफर
– कुदरत के करिश्मे पर आश्चर्यचकित हैं लोग

पूर्व में भी महिला का इलाज पीएचसी में जरूर हुआ था, जहां से नियमित चेकिंग कर अल्ट्रा साउंड के लिखा गया था लेकिन आर्थिक विपन्नता के कारण महिला अल्ट्रा साउंड कराने नहीं जा पा पायी. प्रसव कराने वाली एएनएम नीतू कुमारी ने कहा कि जब महिला प्रसव के लिए आयी तो उसको लगा कि जरूर जुड़वा बच्चा है लेकिन जब प्रसव शुरू हुआ तो पांच पाच मिनट के अंतराल में महिला ने दो बच्चे और एक बच्ची को जन्म दिया लेकिन चौथा बच्चा गर्भ में भी मृत हो गया था.

एएनएम ने बताया कि सुरक्षित निकाले गये तीनों बच्चों कुल मिला स्वस्थ कहा जा सकता है तीनों ने दूध भी पिया है लेकिन तीनों का वजन कम होने के कारण पीएचसी से रेफर कराया गया. जबकि जच्चा पूरी तरह से ठीक ठाक है. जानकारी मिली है कि महिला गुंजा देवी का ससुराल रूपौली के नवटोलिया गांव में है जबकि उसका मायके भीमदास टोला में है. चार बच्चों के एक साथ जन्म लेने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी मच गयी. बड़ी संख्या में लोग मामले की जानकारी लेने रंगरा पीएचसी पहुंचे थे.

कहते हैं पीएचसी प्रभारी

रंगरा के पीएचसी प्रभारी डा रंजन ने कहा कि निशेचन के वक्त हुई अनियमितता के कारण ऐसा होता है. पीएचसी के कर्मियों ने अपनी दक्षता और कार्यकुशलता का परिचय देते हुए तीन बच्चों को सकुशल प्रसव कराया. जच्चा भी पूरी तरह से ठीक है. उम्मीद है आगे भी सभी बच्चे और उसकी मां स्वस्थ ही रहेगी

By Rishav Mishra Krishna

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