गोपालपुर/नवगछिया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर गोपालपुर प्रखंड से लेकर नवगछिया शहर तक धार्मिक उत्साह चरम पर है। गोसाईंगांव की ऐतिहासिक पहचान बन चुके 100 वर्ष से अधिक पुराने प्राचीन श्रीकृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। वहीं नवगछिया के हरिमहाराज ठाकुरबाड़ी, बड़ी घाट ठाकुरबाड़ी और काली मंदिर में भी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।

गोसाईंगांव के प्राचीन श्रीकृष्ण मंदिर में 4 सितंबर को जन्माष्टमी का भव्य आयोजन होगा। करीब एक सदी से अधिक पुरानी धार्मिक परंपरा को संजोए इस मंदिर में जन्मोत्सव को लेकर ग्रामीणों और आयोजन समिति की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा, फूलों और झांकियों से सजाया जा रहा है।

रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग से बढ़ा उत्साह

इस वर्ष जन्माष्टमी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और विशेष योग में हुआ था। इस बार भी रोहिणी नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग होने से श्रद्धालु इसे विशेष मान रहे हैं।

मध्यरात्रि में ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार, पंचामृत अभिषेक, विशेष महाआरती और छप्पन भोग का आयोजन किया जाएगा। जन्मोत्सव के बाद श्रद्धालुओं के बीच माखन-मिश्री, पंजीरी और विशेष महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।

मनोकामना पूरी होने पर चढ़ाते हैं बांसुरी

गोसाईंगांव का प्राचीन श्रीकृष्ण मंदिर अपनी अनूठी धार्मिक परंपरा के लिए भी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होने के बाद श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में चांदी या लकड़ी की बांसुरी अर्पित करते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और जन्माष्टमी के अवसर पर दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भी भगवान को बांसुरी अर्पित करते हैं। मंदिर क्षेत्र के दर्जनों गांवों की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

रातभर भजन-कीर्तन, सजेगा भव्य मेला

जन्माष्टमी के अवसर पर गोसाईंगांव मंदिर परिसर में भव्य मेला, जागरण और संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। 4 सितंबर की रात भजन गायकों और स्थानीय मंडलियों की ओर से धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक झांकियों से सजाया जा रहा है।

मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठेगा। आयोजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।

हरिमहाराज और बड़ी घाट ठाकुरबाड़ी में भी विशेष आयोजन

नवगछिया शहर के हरिमहाराज ठाकुरबाड़ी और बड़ी घाट ठाकुरबाड़ी में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। रात 12 बजे भगवान के जन्म के बाद विशेष आरती की जाएगी और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण होगा।

वहीं काली मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। मंदिरों में सजावट और धार्मिक आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।

जन्माष्टमी की रात इन प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। गोसाईंगांव से लेकर नवगछिया तक पूरा इलाका ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से भक्तिमय होने की तैयारी में है।

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By न्यूज़ डेस्क

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