नवगछिया : रंगरा प्रखंड के हजारों एकड़ में फैली मक्के की फसल में दाना नहीं आने से किसानों के बीच हाहाकार की की स्थिति उत्पन्न हो गई है. अपनी रोजी-रोटी का अरमान लिए मक्के की खेती करने वाले किसानों के खेतों में हजारों एकड़ में फैली मक्के की फसल में दाना नहीं आने से गरीब किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है. इस बार किसानों की किस्मत ने पूरी तरह दगा दे दिया है. लिहाजा क्षेत्र के हजारों गरीब किसान हताश और निराश हैं. किसान अपनी आंखों में बदनसीबी की आंसू लिए गुहार लगाने इसके लिए प्रतिदिन प्रखंड कृषि कार्यालय के दौर लगा रहे हैं. मगर गरीब किसानों की बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं है.


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रंगरा प्रखंड में मक्के की फसल में दाना नहीं आने से

,, किसान अपनी गुहार लगाने कृषि कार्यालय का लगा रहे दौड़, मगर अधिकारी नहीं ले रहे संज्ञान

बताते चलें कि नवगछीया अनुमंडल के रंगरा प्रखंड क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किसानों द्वारा मक्के की खेती की जाती है. कौशिकीपुर सहौरा पंचायत के किसान हियालाल यादव, अयोध्या यादव, छक्को यादव, सुबोध गुप्ता, कैलाश गुप्ता, सुरेश यादव, मोहन यादव, मोथरी यादव, सदानंद साह, सधुआ चापर के किसान पप्पू मंडल, उमेश मंडल, प्रमोद मंडल, रंगरा के किसान ओम प्रकाश मंडल, पलटी मंडल मदरौनी के किसान पवन सिंह, भीम दास टोला तिनटंगा दियारा के किसान पप्पू मंडल, नित्यानंद दास, आनंद मंडल आदि ने बताया कि उन लोगों ने पायनीयर एवं डिकाल्ब कंपनी का मक्के का बीज की बुवाई की थी.

सारे फसलों में एक भी दाना दिखाई नहीं पड़ा है. इन लोगों ने कहा कि अपनी सारी मेहनत की कमाई को मक्के की फसल में लगा दिया था. इसके अलावा आसपास के महाजनों से मोटे ब्याज पर कर्ज लेकर खेती की थी. अब इस कर्ज को कैसे चुकाएंगे यह हमारे लिए बहुत बड़ी समस्या है. साथ ही साथ छोटे बटाईदार किसानों के तो और बुरा हाल है. क्योंकि फसल हो अथवा नहीं, जमीन मालिक को तो प्रतिवर्ष सालाना लीज एवं मुआवजा देना ही पड़ेगा. आगे बेटी की शादी की अरमान लिए मक्के की खेती की थी ताकि इससे होने वाली मुनाफे से बेटी के हाथ पीले किए जा सके. अब किसानों के माथे पर यह भी चिंता सताने लगी है की बेटी की शादी कैसे करें.

उनके परिवार की 2 जून की रोटी कैसे चले. लिहाजा किसानों के सामने मौत और खाई वाली स्थिति उत्पन्न हो गई है. वहीं दूसरी ओर इन किसानों ने कहा कि अगर सरकार हमारे समस्याओं पर जल्द कदम नहीं उठाती है तो इसके लिए हम लोग प्रखंड एवं कृषि कार्यालय का घेराव करेंगे. इस बाबत जब प्रखंड कृषि कार्यालय से संपर्क किया गया तो बताया गया कि प्रखंड कृषि पदाधिकारी रंगरा चौक, हेमंत कुमार सिंह, लंबे समय से बीमार हैं और जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. जिसके चलते कृषि कार्यालय का सारा कार्य ठप पड़ा हुआ है.

By Rishav Mishra Krishna

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