नवगछिया : शातिर अपराधी बिलरिया करीब 20 वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय है. उसने आज तक अपना कोई गिरोह नहीं बनाया लेकिन नवगछिया पुलिस जिला का कोई ऐसा गिरोह नहीं है जिसमें बिलरिया कभी ना कभी सक्रिय ना हुआ हो. कहां जाता है कि कुख्यात राकेश राय के सानिध्य में गुलरिया ने आपराधिक तालीम ली और मुन्ना सिंह और पप्पू झा पर गोलीबारी कर चर्चित हुआ. इसके बाद उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपराध की दुनिया में एक के बाद एक वारदात को अंजाम देता गया. नवगछिया एसपी स्वीकार करती हैं कि बिलरिया का खौफ इतना था कि कई मामलों में उसके विरुद्ध लोग प्राथमिकी तक दर्ज नहीं करा पाए थे. कहां जाता है कि राकेश राय से ही बिलरिया ने बगावत कर दिया था.

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इसके बाद जब वह गिरफ्तार हो गया और जब जेल से बाहर निकला तो राकेश राय को मारने के लिए उसने लंबा इंतजार किया. उस समय नवगछिया में अपराध के दो तत्वों में से एक ध्रुव राकेश राय का था. राकेश राय के कई सफेदपोश दुश्मन भी थे जिसका साथ बिलरिया को मिला और बिलरिया ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ राकेश राय को मौत के घाट उतार दिया. पकड़ा गांव से राकेश राय का गिरोह पूरी तरह से समाप्त हो गया लेकिन पकड़ा या फिर नवगछिया में बिलरिया का सिक्का कभी नहीं चल पाया.

लिहाजा बिलरिया अलग-अलग गिरोहों के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देता रहा. राकेश राय की हत्या के बाद बिलरिया को एक दमदार आका मिल गया था. जिसने समय-समय पर बिलरिया के हर वारदातों पर पर्दा डालने का भी काम किया. अपराधिक समीकरण बदलते ही बिलरिया के आका की हत्या कर दी गई. इसके बाद बिलरिया का कस बल ढीला हो चुका था. आका की हत्या के बाद उसके उत्तराधिकारी की रहनुमाई को स्वीकार किया और एक बार फिर से अपराधिक दुनिया में सक्रिय हो गया.

प्रमोद राय की हत्याकांड में बिलरिया के जेल जाने के बाद कयास लगाया जा रहा था कि अबकी बार जेल से निकलने के बाद बिलरिया अपराध की दुनिया में सक्रिय नहीं होगा. खुद गुलरिया ने अपने कुछ शुभचिंतकों को इस तरह की बात कही थी. लेकिन ठीक उल्टा हुआ जेल से निकलने के बाद बिलरिया का नाम दरोगा सिंह हत्याकांड में आया. इसके बाद से बिलरिया लगातार फरार चल रहा था.

छोटुवा के विरुद्ध भेजा गया सीसीए 12 का प्रस्ताव

कई चर्चित हत्याकांड और जघन्य वारदातों के मामले में जेल में बंद लत्तरा निवासी पुरुषोत्तम कुमार उर्फ छोटुवा के विरुद्ध सीसीए 12 का प्रस्ताव भेजने का निर्णय नवगछिया एसपी निधि रानी ने लिया है. दूसरी तरफ नवगछिया एसपी निधि रानी ने कहा है कि पिछले दिनों जेल भेजे गए शातिर अपराधियों धरबा सिंह, पप्पू पासवान, प्रभाष यादव गिरोह के सक्रिय अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने आगे की रणनीति पर काम कर रही है. जल्द ही सभी अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.

By Rishav Mishra Krishna

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