गोपालपुर : नवगछिया अनुमंडल के इस्माइलपुर अंचल के आरटीपीएस कार्यालय के कर्मचारी मो दानिश द्वारा डिमाहा के छात्र प्रभाष कुमार से ओबीसी का प्रमाण बनाने के लिये पांच सौ रुपये की अवैध राशि कार्यालय में लिये जाने का वीडियो वाइरल होने के बाद इस्माइलपुर प्रखंड व अंचल कार्यालय का तापमान काफी बढ गया है. इस्माइलपुर के युवा जिला पार्षद विपिन कुमार मंडल ने बीडीओ इस्माइलपुर को लिखित आवेदन देकर तत्काल व्यवस्था में सुधार करने की माँग की है.
जिला पार्षद ने अपने आवेदन में लिखा है कि यहाँ खुलेआम कार्यालय में काम करने के नाम पर अवैध उगाही की जाती है तथा बिचौलियों को ऑफिस के अंदर बैठा कर वसूली किया जाता है. बिना पैसा लिये प्रखंड व अंचल में किसी तरह का काम नहीं हो पाता है. आवेदन की प्रति नवगछिया एसडीओ मुकेश कुमार व डीएम तथा आयुक्त को भी दिया गया है.

वायरल वीडियो में घूस देने वाले प्रभास ने कहा बकाया पैसा का किया है भुगतान
इस्माइलपुर अंचल के कर्मी द्वारा आरटीपीएस काउंटर पर ही घूस लिए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में जरूर यह चर्चा का विषय बन गया है. लेकिन जब प्रभात खबर की टीम ने वायरल वीडियो के सच को जानने का प्रयास किया. वायरल वीडियो में घूस देने वाले प्रभास ने प्रभात खबर को बताया कि दानिश और वह दोनों अच्छे मित्र हैं और उसने दानिश से डेढ़ सौ रुपया कर्ज नवगछिया में लिया था.
इस्माइलपुर के डिमहा गांव के रहने वाले प्रभात सिंह ने कहा कि जब वे इस्माइलपुर अंचल जा रहे थे तो उन्होंने सोचा कि उनके पास जो बकाया है वह अपने मित्र दानिश को दे दें. उनके पास ₹100 था ₹100 उन्होंने दानिश को दिया और ₹50 बाद में देने की बात कही. दानिश और प्रभाष ने कहा कि पूरा मामला व्यक्तिगत है, आरटीपीएस काउंटर से बाहर खड़े एक युवक ने अपने मोबाइल से वीडियो बना लिया था. वास्तव में जिस तरह से पैसे का लेनदेन हो रहा था किसी को भी लग सकता था कि यह घूस लिया जा रहा है. लेकिन वास्तव में इस तरह की बात नहीं है.

क्या है वायरल वीडियो में
वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है की प्रभास ने दानिश को किसी कार्य के लिए पैसे दिए. पैसे देने के बाद प्रभास दानिश की ओर एक दस्तावेज भी बढ़ाता है. इस पर दानिश कहते हैं कि इतने में काम नहीं होगा. फिर प्रभास कहता है कर दीजिए विद्यार्थी हैं. बहर हाल जो दिख रहा है, उसे सच कहा जाए या फिर सुप्रभात और दानिश बोल रहे हैं वह सच है. पूरा मामला जांच के बाद ही स्पष्ट होने की संभावना है.
कहते हैं सीओ
सीओ ने कहा मामले की होगी जांच इस्माइलपुर के सीईओ ने वायरल वीडियो होने के मामले पर कहा कि वह मामले की जांच करेंगे और कर्मी से स्पष्टीकरण पूछा जाएगा. किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार को प्रश्रय नहीं दिया जाएगा.


