नवगछिया व्यवहार न्यायालय में मंगलवार को नवगछिया थाना क्षेत्र के पकरा निवासी मीरा कुमारी सिन्हा ने नवगछिया एसपी पंकज कुमार सिन्हा, नवगछिया थाना अध्यक्ष संजय कुमार सुधांशु सहित पकरा निवासी प्रभाकर सिंह, दिवाकर सिंह, प्रमोद सिंह, नवनीत कुमार उर्फ सन्नी, मोनू कुमार, साजन कुमार, छोटू कुमार एवं हरीश कुमार पर दखल वाली जमीन पर जबरन अवैध रूप से कब्जा करने के निर्माण कार्य करने विरोध करने पर मारपीट गालीगलौज व अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है।


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दायर किये गए मुकदमे में मीरा कुमारी सिन्हा ने आरोप लगाया है कि सोमवार को वे अपने पकरा स्थित घर पर थी । इसी दौरान प्रभाकर सिंह, विभाकर सिंह, प्रमोद सिंह सहित अन्य बाहरी अपराधियों के साथ ट्रैक्टर पर बालू, गिट्टी, छड़, सीमेंट लेकर आए और जबरन हम लोगों की जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जिसका विरोध हम लोगों द्वारा किया गया। विरोध करने पर वे लोग मारपीट व गाली गलौज करने लगे।

इस अवैध कार्य निर्माण कार्य को मना करने के लिए नवगछिया एसपी पंकज सिन्हा को सूचना दिया गया तो उल्टे नवगछिया एसपी ने नवगछिया थाना अध्यक्ष के साथ 15 से 20 पुलिस बलों को भेजा। एसपी के आदेश पर अवैध निर्माण कार्य रोकने के वजाय उल्टे हम लोगों के साथ गाली गलौज धक्का-मुक्की करने लगे। इस दौरान पुलिस बलों ने हम लोगों के साथ मारपीट भी किया और जबरन पुलिस जीप में बैठाकर परिवार के अन्य महिलाओं को भी थाना लाकर बंद कर दिया। इसके साथ साथ पुलिस पदाधिकारियों ने अभियुक्त संख्या1 से 8 तक को संरक्षण देकर गैरकानूनी तरीके से मेरी दखल वाले जमीन पर अवैध रूप से निर्माण कार्य कराया गया।

उन्होंने नवगछिया एसपी व थानाध्यक्ष पर आरोप लगाया है कि निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु नवगछिया एसपी एवं थानाध्यक्ष ने अभियुक्तों के मेल में आकर मेरी जमीन पर अवैध रूप से निर्माण कार्य कार्य कराया। हम लोगों के साथ मारपीट व अमानवीय व्यवहार किया गया।

कहते हैं नवगछिया एसपी |

नवगछिया एसपी पंकज कुमार सिन्हा ने आरोप को निराधार बताते हुए कहा जिनके द्वारा मुकदमा किया गया है उनलोगों पर पूर्व में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जिसमें कुछ लोग जेल भी गए थे। जिस जमीन की घेराबंदी हो रही है। वर्ष 2010 से ही मुकदमा चल रहा था। इस जमीन पर 144 भी हुआ था। न्यायालय द्वारा जो लोग घेरा बंदी कर रहे हैं उसके पक्ष में फैसला दिया था।

जिसको लेकर मारपीट हुई थी। जमीन की घेराबंदी को लेकर थानाध्यक्ष द्वारा मारपीट होने की आंशका व्यक्त किया गया था। थानाध्यक्ष की मांग पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल दिया गया था। एसपी ने कहा कि जो जमीन की घेराबंदी कर रहे हैं उसकी जमीन है। न्यायालय द्वारा भी उनलोगों के पक्ष में फैसला आया हुआ है।

By Rishav Mishra Krishna

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